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मिड-डे मील वर्करों को नौ हजार न्यूनतम वेतन दें : बलविंद्र कौर
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ऊना। जिला मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ऊना की बैठक एमसी पार्क में हुई। इसमें जिला के पांचों शिक्षा खंडों के मिड-डे मील वर्करों ने हिस्सा लिया।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष बलविंद्र कौर ने की। उन्होंने कहा कि बैठक में यूनियन ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि 20 जुलाई को शिक्षा उपनिदेशक जिला ऊना के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षा उपनिदेशक के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को मांग पत्र दिया जाएगा। वर्करों ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार लंबे समय से मिड-डे मील वर्कर्स की मांगों को पूरा नहीं कर रही है।
बढ़ती महंगाई के दौर में केंद्र सरकार मिड-डे मील वर्कर को मात्र 1000 रुपये वेतन दे रही है, वो भी 10 माह का दिया जाता है। साथ ही तीन-चार माह तक मिड-डे मिल वर्करों को वेतन नहीं दिया जाता। इससे मिड-डे मील वर्करों को हिमाचल सरकार द्वारा घोषित 9000 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती में मिड-डे मील वर्कर्स को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाए।
मिड-डे मील वर्करों को पक्का वेतन किया जाए और प्रति माह एक तारीख को वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक 12 महीने का वेतन नवंबर 2019 से दिया जाएं। बैठक में मिड-डे मील राज्य संयोजक जगत राम, सीटू जिला सचिव गुरनाम सिंह, मिड-डे मील यूनियन की जिला सचिव अनुराधा, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमारी, रचना देवी, मनजीत, मीना, निर्मला, सुषमा आदि ने भाग लिया। बैठक में फैसला लिया कि यदि मिड-डे मील वर्करों की मांगों को पूरा नहीं किया तो वे आंदोलन को तेज करेंगे।
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बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष बलविंद्र कौर ने की। उन्होंने कहा कि बैठक में यूनियन ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि 20 जुलाई को शिक्षा उपनिदेशक जिला ऊना के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षा उपनिदेशक के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को मांग पत्र दिया जाएगा। वर्करों ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार लंबे समय से मिड-डे मील वर्कर्स की मांगों को पूरा नहीं कर रही है।
बढ़ती महंगाई के दौर में केंद्र सरकार मिड-डे मील वर्कर को मात्र 1000 रुपये वेतन दे रही है, वो भी 10 माह का दिया जाता है। साथ ही तीन-चार माह तक मिड-डे मिल वर्करों को वेतन नहीं दिया जाता। इससे मिड-डे मील वर्करों को हिमाचल सरकार द्वारा घोषित 9000 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती में मिड-डे मील वर्कर्स को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाए।
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मिड-डे मील वर्करों को पक्का वेतन किया जाए और प्रति माह एक तारीख को वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक 12 महीने का वेतन नवंबर 2019 से दिया जाएं। बैठक में मिड-डे मील राज्य संयोजक जगत राम, सीटू जिला सचिव गुरनाम सिंह, मिड-डे मील यूनियन की जिला सचिव अनुराधा, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमारी, रचना देवी, मनजीत, मीना, निर्मला, सुषमा आदि ने भाग लिया। बैठक में फैसला लिया कि यदि मिड-डे मील वर्करों की मांगों को पूरा नहीं किया तो वे आंदोलन को तेज करेंगे।
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