फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Crisis looms over deployment of mid-day meal water carriers due to merger of schools

Una News: स्कूल मर्ज होने से मिड-डे मील जलवाहकों की तैनाती पर मंडराया संकट

Sat, 24 Aug 2024 03:25 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sat, 24 Aug 2024 03:25 AM IST
विज्ञापन
Crisis looms over deployment of mid-day meal water carriers due to merger of schools
ऊना। स्कूलों के मर्ज करने के बाद शिक्षकों की तैनाती तो सरकार ने जैसे-तैसे खाली चल रहे शिक्षकों के पदों पर कर दी है, लेकिन वर्तमान में शिक्षकों के अलावा मर्ज किए स्कूलों में मिड-डे मील, जलवाहक और मल्टीटास्क वर्कर की तैनाती पर संकट मंडरा गया है।
विज्ञापन

इसके चलते कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है, तो वहीं दूसरी ओर सरकार अब और स्कूलों को भी मर्ज करने का विचार कर रही है। ऐसे में रोजगार के दावे करने वाली सरकार के धरातल पर रोजगार मुहैया करवाने के दावे भी धराशायी होते नजर आए हैं। ऊना जिले में 15 स्कूल मर्ज किए गए हैं, लेकिन वहां पर ऐसे स्कूलों में तैनात मिड-डे मील, जलवाहक और मल्टी टास्क वर्करों की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। शिक्षा विभाग ने 15 मर्ज किए गए स्कूलों के शिक्षकों को इर्द-गिर्द के स्कूलों में एडजस्ट तो कर दिया है, लेकिन सबसे गरीब परिवार का तबका जलवाहक, मिड-डे मील और मल्टीटास्क कर्मी के बारे में अभी तक सरकार कोई भी नीति नहीं बना पाई है, जिसके चलते इस वर्ग को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह वर्ग अब स्कूलों में अपनी नौकरी करने की बजाय घर में बैठ गया है।
विज्ञापन

जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
जलवाहक संघ के प्रदेश अध्यक्ष भुट्टो राम का कहना है कि जलवाहकों को सरकार शिक्षा विभाग के अलावा अन्य दूसरे विभागों में भी समायोजित कर सकती है और रही बात मल्टीटास्क वर्कर और मिड-डे मील की तो इसके लिए सरकार को जल्द से जल्द इन कर्मचारियों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए उचित कदम उठाना चाहिए। अन्यथा संघ को मजबूर होकर आंदोलन का रुख अपनाना पड़ेगा। इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, सीटू के जिला महासचिव गुरनाम सिंह का कहना है कि इस समस्या को लेकर हाल ही में शिक्षा मंत्री से प्रतिनिधिमंडल मिला है और उन्होंने जल्द ही मल्टीटास्क वर्कर और मिड-डे मील वर्कर के लिए नीति बनाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर शीघ्र ही इस वर्ग के कर्मचारियों के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया गया, तो मजबूर होकर सीटू मिड-डे मील वर्कर और अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।

सरकार के निर्देशों पर कार्रवाई अमल में लाएंगे : धीमान
शिक्षा विभाग के प्रारंभिक उपनिदेशक सोमनाथ धीमान का कहना है कि मर्ज के लिए स्कूलों के शिक्षकों को तो जहां पर खाली पद चले थे, वहां पर नियुक्तियां दे दी गई हैं, लेकिन मिड-डे मील, मल्टीटास्क कर्मी सहित जलवाहकों के बारे में अभी तक सरकार की ओर से कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। जैसे ही दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे। सरकार के निर्देशों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed