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बचने के लिए जिस बेड के नीचे छुपी उसके साथ जल गई मासूम
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अमन वर्मा
ऊना। ...अपने चारों तरफ आग और धुआं देखकर चार साल की अबोध संध्या को क्या मालूम था कि जिस बेड की शरण लेने को उसके नीचे छुपने जा रही है, कुछ देर में वह भी राख हो जाएगा। आग लगने से हादसे का मंजर कितना भयानक होगा कि किसी को मासूम की चीखें भी नहीं सुनाई दीं।
फूल जैसी बेटी के आग में जिंदा जल जाने के बाद मां और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। देखते ही देखते आंखों के सामने मजदूरों के आशियाने जल गए और बेबस आंखें बस देखती रहीं। औद्योगिक क्षेत्र बाथड़ी में आग लगने से कामगारों की करीब 50 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। जब तक काम से प्रवासी मजदूर मौके पर पहुंचे तब तक आग चारों तरफ फैल चुकी थी। मजदूरों की आंखों के सामने उनके आशियाने जलकर राख हो गए। आग की इस घटना में एक चार वर्षीय मासूम की जलकर मौत हो गई। जबकि दो लोग झुलस कर बुरी तरह से घायल हो गए।
आग लगने से प्रवासी कामगारों की झुग्गियों में पड़ा सामान जलने से लाखों का नुकसान हुआ है। दोपहर करीब 12 बजे झुग्गियों में अचानक आग लग गई। देखते ही झुग्गियों में आग की लपटें उठने लगी और घटना स्थल पर मौजूद लोगों और बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। झुग्गियों में रहने वाले कामगार काम पर गए थे। पीछे झुग्गियों में आग भड़क गई। बाहरी राज्यों से मेहनत-मजदूरी कर पेट पाल रहे मजदूरों की झुग्गियों में आग लगने से करीब 15 लाख का नुकसान बताया जा रहा है। उन्हें पुनर्वास की चिंता सताने लगी है।
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ऊना। ...अपने चारों तरफ आग और धुआं देखकर चार साल की अबोध संध्या को क्या मालूम था कि जिस बेड की शरण लेने को उसके नीचे छुपने जा रही है, कुछ देर में वह भी राख हो जाएगा। आग लगने से हादसे का मंजर कितना भयानक होगा कि किसी को मासूम की चीखें भी नहीं सुनाई दीं।
फूल जैसी बेटी के आग में जिंदा जल जाने के बाद मां और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। देखते ही देखते आंखों के सामने मजदूरों के आशियाने जल गए और बेबस आंखें बस देखती रहीं। औद्योगिक क्षेत्र बाथड़ी में आग लगने से कामगारों की करीब 50 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। जब तक काम से प्रवासी मजदूर मौके पर पहुंचे तब तक आग चारों तरफ फैल चुकी थी। मजदूरों की आंखों के सामने उनके आशियाने जलकर राख हो गए। आग की इस घटना में एक चार वर्षीय मासूम की जलकर मौत हो गई। जबकि दो लोग झुलस कर बुरी तरह से घायल हो गए।
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आग लगने से प्रवासी कामगारों की झुग्गियों में पड़ा सामान जलने से लाखों का नुकसान हुआ है। दोपहर करीब 12 बजे झुग्गियों में अचानक आग लग गई। देखते ही झुग्गियों में आग की लपटें उठने लगी और घटना स्थल पर मौजूद लोगों और बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। झुग्गियों में रहने वाले कामगार काम पर गए थे। पीछे झुग्गियों में आग भड़क गई। बाहरी राज्यों से मेहनत-मजदूरी कर पेट पाल रहे मजदूरों की झुग्गियों में आग लगने से करीब 15 लाख का नुकसान बताया जा रहा है। उन्हें पुनर्वास की चिंता सताने लगी है।
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