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पेड़ कटान पर प्रतिबंध से रुकेंगे विकास कार्य
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अमर उजाला ब्यूरो
मैहतपुर (ऊना)। देवभूमि में सुप्रीम कोर्ट की ओर से पेड़ कटान पर प्रतिबंध को लेकर जारी अंतरिम आदेश से विकास योजनाओं पर ग्रहण लग सकता है। इसका असर ऊना जिला के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर में फेस टू पर भी पड़ सकता है।
हालांकि सूत्रों का दावा है कि चिह्नित की गई सरकारी जमीन पर उस किस्म के पेड़ है ही नहीं, लेकिन वन विभाग इस पर क्या रिपोर्ट बनाता है यह देखना जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक उद्योग विभाग ने शिवालिक पहाड़ी पर आईआरबी बनगढ़ के साथ लगते क्षेत्र में करीब दो हजार कनाल सरकारी भूमि चिह्नित की है। यहां पर नया औद्योगिक क्षेत्र बसाने की कवायद शुरू होनी है। वन विभाग अगर नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए मंजूरी देता है, मैहतपुर में फेस टू की लंबे अर्से से मांग पूरी हो सकेगी। मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र में फेस टू बनाने को लेकर जनवरी 2007 में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जनसभा के दौरान घोषणा की थी।
उद्योग विभाग के सूत्र बताते हैं कि पिछली दफा भी शिवालिक पहाड़ी पर पेड़-पौधों एवं हरियाली के नष्ट होने के चलते प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सका था। मैहतपुर में इस समय औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की कमी के चलते नए उद्यमियों को उद्योग-धंधे लगाने में खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं। जिसके चलते पिछले कई सालों से फेस टू की मांग उठती रही है।
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फेस टू बनने से मिलेगा रोजगार
भारतीय मजूदर संघ के जिला अध्यक्ष गुरमेल सिंह, इंटक प्रवक्ता कामरेड जगतराम शर्मा ने कहा कि मैहतपुर में अगर फेस टू बनता है, तो इससे न केवल बेरोजगारी को कम किया जा सकेगा, बल्कि इस क्षेत्र को और ज्यादा विकसित भी किया जा सकता है। मैहतपुर उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष बलराम चंदेल उद्यमी बलतेजइंद्र सिंह, वीरेश कश्यप, रामपाल शर्मा, विजय लॉ ने कहा कि अगर फेस टू बनता है तो यह क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।
विभाग रखेगा अपना पक्ष : अंशुल
उद्योग विभाग के जीएम अंशुल धीमान ने कहा कि यह अंतरिम आदेश है। लिहाजा प्रदेश सरकार अपना पक्ष इस बाबत अवश्य रखेगी। जहां तक मैहतपुर में फेस टू की बात है, जहां पर जमीन चिह्नित की कई है, वहां पर उस किस्म का जंगल नहीं है।
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मैहतपुर (ऊना)। देवभूमि में सुप्रीम कोर्ट की ओर से पेड़ कटान पर प्रतिबंध को लेकर जारी अंतरिम आदेश से विकास योजनाओं पर ग्रहण लग सकता है। इसका असर ऊना जिला के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर में फेस टू पर भी पड़ सकता है।
हालांकि सूत्रों का दावा है कि चिह्नित की गई सरकारी जमीन पर उस किस्म के पेड़ है ही नहीं, लेकिन वन विभाग इस पर क्या रिपोर्ट बनाता है यह देखना जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक उद्योग विभाग ने शिवालिक पहाड़ी पर आईआरबी बनगढ़ के साथ लगते क्षेत्र में करीब दो हजार कनाल सरकारी भूमि चिह्नित की है। यहां पर नया औद्योगिक क्षेत्र बसाने की कवायद शुरू होनी है। वन विभाग अगर नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए मंजूरी देता है, मैहतपुर में फेस टू की लंबे अर्से से मांग पूरी हो सकेगी। मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र में फेस टू बनाने को लेकर जनवरी 2007 में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जनसभा के दौरान घोषणा की थी।
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उद्योग विभाग के सूत्र बताते हैं कि पिछली दफा भी शिवालिक पहाड़ी पर पेड़-पौधों एवं हरियाली के नष्ट होने के चलते प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सका था। मैहतपुर में इस समय औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की कमी के चलते नए उद्यमियों को उद्योग-धंधे लगाने में खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं। जिसके चलते पिछले कई सालों से फेस टू की मांग उठती रही है।
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फेस टू बनने से मिलेगा रोजगार
भारतीय मजूदर संघ के जिला अध्यक्ष गुरमेल सिंह, इंटक प्रवक्ता कामरेड जगतराम शर्मा ने कहा कि मैहतपुर में अगर फेस टू बनता है, तो इससे न केवल बेरोजगारी को कम किया जा सकेगा, बल्कि इस क्षेत्र को और ज्यादा विकसित भी किया जा सकता है। मैहतपुर उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष बलराम चंदेल उद्यमी बलतेजइंद्र सिंह, वीरेश कश्यप, रामपाल शर्मा, विजय लॉ ने कहा कि अगर फेस टू बनता है तो यह क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।
विभाग रखेगा अपना पक्ष : अंशुल
उद्योग विभाग के जीएम अंशुल धीमान ने कहा कि यह अंतरिम आदेश है। लिहाजा प्रदेश सरकार अपना पक्ष इस बाबत अवश्य रखेगी। जहां तक मैहतपुर में फेस टू की बात है, जहां पर जमीन चिह्नित की कई है, वहां पर उस किस्म का जंगल नहीं है।