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तीन महीनों से चिंतपूर्णी थाने में बंद बंदूकें

Tue, 04 Sep 2018 11:18 PM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:18 PM IST
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तीन महीनों से चिंतपूर्णी थाने में बंद बंदूकें
बंदूक - फोटो : सोशल मीडिया

अमर उजाला ब्यूरो

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भरवाईं (ऊना)। चिंतपूर्णी और भरवाईं में तीन महीने पहले हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अवैध कब्जों की कार्रवाई के दौरान लोगों की बंदूकें पुलिस प्रशासन ने थाने में जमा करवा ली थी। इस दौरान धारा 144 लागू होने के कारण लोगों को बंदूकें जमा करवाने के आदेश जारी किए गए थे। अवैध कब्जों की कार्रवाई खत्म होने के बावजूद तीन महीने बंदूकें लोगों को वापस नहीं दी गई हैं।

केवल कृष्ण, राजेश कुमार, बलबीर सिंह, शाम कुमार ने बताया कि अवैध कब्जे हटाने से पहले उन्होंने और कई अन्य लोगों ने हथियार थाने में जमा करवाए थे। बंदूकों की साफ सफाई न होने के कारण उनकी लाखों रुपये की बंदूकें थाने में जंग खा रही हैं। इस कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि बंदूकें वापस दी जाएं। इससे वे फसलों की जंगली जानवरों से रखवाली कर सकें।
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लोगों ने बंदूकें वापस लेने के लिए चिंतपूर्णी थाना में आवेदन भी दिए हैं। एसएचओ चिंतपूर्णी गौरव भारद्वाज का कहना है कि चिंतपूर्णी में अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई के दौरान धारा 144 लागू थी। इस दौरान लोगों ने बंदूकें थाने में जमा करवा दी थी। बंदूकें वापस लेने को लोगों की एप्लीकेशन आई है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम अंब को दे दी गई है। डीसी के आदेशों के बाद बंदूकें वापस दे दी जाएंगी। डीसी राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि एसडीएम अंब की रिपोर्ट मेरे पास है। एक-दो दिन में चिंतपूर्णी एसएचओ को लोगों की बंदूकें वापस करने के आदेश दे दिए जाएंगे।

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