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Una News: निजी स्कूलों में वर्दी, किताबें और कॉपियां बेचने पर सख्ती
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूल अब अपने परिसर में वर्दी, जूते, टाई, बेल्ट, बैज, कॉपियां और अन्य स्कूल वर्दी से जुड़ा सामान नहीं बेच सकेंगे। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश जारी करते हुए निजी स्कूलों में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
निदेशालय की ओर से जुलाई 2026 में जारी निर्देशों में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के संबद्धता नियम 16.3.12 (ए) का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार निजी शिक्षण संस्थान अपने परिसर में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि नहीं कर सकते। यदि कोई स्कूल वर्दी, टाई, बेल्ट, बैज, जूते या अन्य सामान की बिक्री करता पाया जाता है तो उसकी संबद्धता रद्द की जा सकती है। हालांकि, बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्य पुस्तकों और प्रायोगिक नोटबुक की स्कूल परिसर में बिक्री को व्यावसायिक गतिविधि नहीं माना जाएगा। ऐसे में केवल बोर्ड की निर्धारित पुस्तकों की बिक्री की अनुमति रहेगी।
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निजी स्कूलों में इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें। यदि कोई स्कूल प्रबंधन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान (विनियमन) अधिनियम, 1997 और संबंधित नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभाग की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी वापस लिया जा सकता है। निर्देशों के अनुसार नियमों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित निजी स्कूल प्रबंधन की होगी।
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उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि सभी निजी स्कूल नियमों को ध्यान में रखकर संस्थान का संचालन करें। इसमें किसी भी प्रकार की मनमानी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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निदेशालय की ओर से जुलाई 2026 में जारी निर्देशों में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के संबद्धता नियम 16.3.12 (ए) का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार निजी शिक्षण संस्थान अपने परिसर में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि नहीं कर सकते। यदि कोई स्कूल वर्दी, टाई, बेल्ट, बैज, जूते या अन्य सामान की बिक्री करता पाया जाता है तो उसकी संबद्धता रद्द की जा सकती है। हालांकि, बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्य पुस्तकों और प्रायोगिक नोटबुक की स्कूल परिसर में बिक्री को व्यावसायिक गतिविधि नहीं माना जाएगा। ऐसे में केवल बोर्ड की निर्धारित पुस्तकों की बिक्री की अनुमति रहेगी।
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शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निजी स्कूलों में इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें। यदि कोई स्कूल प्रबंधन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान (विनियमन) अधिनियम, 1997 और संबंधित नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभाग की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी वापस लिया जा सकता है। निर्देशों के अनुसार नियमों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित निजी स्कूल प्रबंधन की होगी।
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उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि सभी निजी स्कूल नियमों को ध्यान में रखकर संस्थान का संचालन करें। इसमें किसी भी प्रकार की मनमानी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।