फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Court seeks monitoring of KCCB loan scam probe

Una News: केसीसीबी लोन घोटाला मामले में कोर्ट से जांच की निगरानी की मांग

Sat, 17 Jan 2026 07:41 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 07:41 PM IST
विज्ञापन
Court seeks monitoring of KCCB loan scam probe
शिकायतकर्ता ने कोर्ट और एसपी ऊना को लिखा पत्र
विज्ञापन

कहा- एसएचओ सदर को क्यों किया लाइन हाजिर, कारण स्पष्ट करें

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (केसीसीबी) से जुड़े बहुचर्चित होटल लोन मामले में शिकायतकर्ता युद्ध चंद बैंस ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऊना से आग्रह किया है कि मामले की जांच उनकी निगरानी में करवाई जाए।


शिकायतकर्ता ने इस संबंध में एक पत्र कोर्ट और एसपी ऊना को सौंपा है। पत्र में उन्होंने यह भी मांग की है कि मामले में एसएचओ थाना सदर को लाइन हाजिर किए जाने का कारण स्पष्ट किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले में कार्रवाई बैंक द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर की गई, इस पर भी स्पष्टीकरण दिया जाए। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि एक आरोपी विनोद कुमार 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने जा रहा है, इसलिए उनके सभी वित्तीय लाभ रोके जाएं।
विज्ञापन


शिकायतकर्ता युद्ध चंद बैंस एक प्रतिष्ठित होटल व्यवसायी हैं। बीते शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) ऊना ने एसएचओ थाना सदर ऊना को लाइन हाजिर किया। सूत्रों के अनुसार एसएचओ से मामले की जांच को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है और जवाब मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मामला शक्तियों के दुरुपयोग या जांच में लापरवाही से जुड़ा है या नहीं, इसका फैसला एसएचओ का स्पष्टीकरण आने के बाद किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बहुचर्चित मामले में बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सहित आठ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच थाना सदर ऊना के एसएचओ गौरव भारद्वाज की अगुवाई में चल रही थी। इस बीच, उन्हें लाइन हाजिर किए जाने के आदेश जारी किए गए।

उधर, थाना सदर ऊना की विशेष टीम ने शुक्रवार को धर्मशाला स्थित केसीसीबी मुख्यालय पर दबिश देकर लोन से जुड़े अहम दस्तावेज और फाइलें जब्त की हैं।
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2016 में उन्होंने कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, ऊना से होटल प्रोजेक्ट के लिए करीब 12 करोड़ रुपये का टर्म लोन स्वीकृत करवाया। लोन के बदले दोनों होटल प्रॉपर्टियों को बैंक के पास गिरवी रखा गया था। हालांकि, लोन स्वीकृत होने के बावजूद पूरी राशि समय पर जारी नहीं की गई। पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed