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लेनदारी की उगाही में काउंसिल बनीं खेवनहार : प्रजापति
Fri, 03 May 2024 03:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 03 May 2024 03:28 AM IST
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वहडाला में एमएसएमई उद्यमियों की लगी कार्यशाला
कार्यशाला में जिले के करीब 70 उद्यमियों ने लिया हिस्सा
हिमाचल प्रदेश की एमएसईएफसी देश भर में अव्वल
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में कार्यरत सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों को लेनदारी की उगाही में पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए एचपी एमएसईएफसी (हिमाचल प्रदेश सूक्ष्म लघु उद्योग फेलिसिटेशन काउंसिल) की बहडाला के एक होटल में वीरवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें निदेशक उद्योग हिमाचल प्रदेश राकेश प्रजापति तथा अतिरिक्त निदेशक उद्योग संजय शर्मा के साथ सेवानिवृत जिला सेशन जज शमशेर सिंह विशेष तौर पर उपस्थित हुए और ऊना जिला में चल रहे सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों के उद्यमियों से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। कार्यशाला में उद्यमियों को लेनदारी की उगाही को लेकर पेश आ रही दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राकेश प्रजापति ने कार्यशाला में बताया कि अब तक 70 फीसदी केस काउंसिल द्वारा सुलझा लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किन्हीं कारणों से किसी केस का निपटारा नहीं होता है तो ऐसे मामलों को जिला एवं उच्च न्यायालय द्वारा हल करवाया जाता है। लेनदारी में उगाही की समस्याओं को हल करवाने के लिए यह उद्योगियों का अच्छा प्लेटफार्म है। इसका उपयोग बखूबी उद्यमी कर सकते हैं। काउंसिल हिमाचल प्रदेश में अब तक 86 मीटिंग करके अपनी बात उद्यमियों तक पहुंचा चुकी है तथा करीब 2000 लेनदारी की उगाही मामलों को सुलझाया गया है। हिमाचल प्रदेश की काउंसिल इस मामले में देशभर में अव्वल स्थान पर है।
कार्यशाला में यह बात भी उभरकर सामने आई कि कोई भी सूक्ष्म एवं लघु उद्योग अगर चलने की स्थिति में नहीं है तो आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार एचपीएसएफसी से गुहार लगा सकता है। कार्यशाला में ऊना जिला उद्योग संघ की ओर से उद्यमी चमन सिंह कपूर ने मांग उठाई कि एचपीएमएसएफसी में जिला का एक सदस्य मनोनीत होना चाहिए। कार्यशाला में ऊना जिला के करीब 70 उद्यमियों ने भाग लिया।
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कार्यशाला में जिले के करीब 70 उद्यमियों ने लिया हिस्सा
हिमाचल प्रदेश की एमएसईएफसी देश भर में अव्वल
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में कार्यरत सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों को लेनदारी की उगाही में पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए एचपी एमएसईएफसी (हिमाचल प्रदेश सूक्ष्म लघु उद्योग फेलिसिटेशन काउंसिल) की बहडाला के एक होटल में वीरवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें निदेशक उद्योग हिमाचल प्रदेश राकेश प्रजापति तथा अतिरिक्त निदेशक उद्योग संजय शर्मा के साथ सेवानिवृत जिला सेशन जज शमशेर सिंह विशेष तौर पर उपस्थित हुए और ऊना जिला में चल रहे सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों के उद्यमियों से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। कार्यशाला में उद्यमियों को लेनदारी की उगाही को लेकर पेश आ रही दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राकेश प्रजापति ने कार्यशाला में बताया कि अब तक 70 फीसदी केस काउंसिल द्वारा सुलझा लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किन्हीं कारणों से किसी केस का निपटारा नहीं होता है तो ऐसे मामलों को जिला एवं उच्च न्यायालय द्वारा हल करवाया जाता है। लेनदारी में उगाही की समस्याओं को हल करवाने के लिए यह उद्योगियों का अच्छा प्लेटफार्म है। इसका उपयोग बखूबी उद्यमी कर सकते हैं। काउंसिल हिमाचल प्रदेश में अब तक 86 मीटिंग करके अपनी बात उद्यमियों तक पहुंचा चुकी है तथा करीब 2000 लेनदारी की उगाही मामलों को सुलझाया गया है। हिमाचल प्रदेश की काउंसिल इस मामले में देशभर में अव्वल स्थान पर है।
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कार्यशाला में यह बात भी उभरकर सामने आई कि कोई भी सूक्ष्म एवं लघु उद्योग अगर चलने की स्थिति में नहीं है तो आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार एचपीएसएफसी से गुहार लगा सकता है। कार्यशाला में ऊना जिला उद्योग संघ की ओर से उद्यमी चमन सिंह कपूर ने मांग उठाई कि एचपीएमएसएफसी में जिला का एक सदस्य मनोनीत होना चाहिए। कार्यशाला में ऊना जिला के करीब 70 उद्यमियों ने भाग लिया।
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