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प्रदूषण को लेकर विवाद खत्म, धरने से हटे ग्रामीण
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दुलैहड़ (ऊना)। क्षेत्र के गोंदपुर जयचंद में एक उद्योग व ग्रामीणों के बीच प्रदूषण को लेकर चल रहा विवाद सातवें दिन शुक्रवार को हल हो गया है। वार्ता में समझौता होने के बाद उद्योग के गेट के बाहर से ग्रामीण हट गए हैं। प्रशासन की मौजूदगी में समझौते में कई शर्तें शामिल की गई हैं।
संघर्ष कमेटी, ग्राम पंचायत के सदस्य, उद्योग प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एसडीएम हरोली की मौजूदगी में तीन बिंदुओं पर सहमति जताते हुए ग्रामीण मौके से हटे। उद्योग प्रबंधन बायलर व सक्शन के संबंध में आम मुद्दों पर हुए समझौते को 30 दिनों के अंदर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों अनुसार पूरा करेंगे। इसके बाद अगले दस दिन तक इसे ट्रायल तौर पर चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी व ग्राम पंचायत के सदस्य मौजूद रहेंगे।
संघर्ष कमेटी ने साफ किया है कि ट्रायल करते समय हानिकारक व प्रदूषित गैस न निकले, इसकी तस्दीक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी व ग्राम पंचायत के सदस्य करेंगे। इस दौरान सांस को प्रभावित करने वाली धुआं न निकले, इसे लेकर भी जांच पड़ताल होगी। सभी की तस्दीक के बाद ही उद्योग चालू होगा। उद्योग यदि मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करेगा। बायलर सक्शन नियमानुसार बंद होगा। जबकि प्लांट चलाने में कोई एतराज नहीं है। उधर, एसडीएम हरोली विकास शर्मा ने बताया कि समझौता वार्ता हुई है। उद्योग शुरू हो गया है।
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संघर्ष कमेटी, ग्राम पंचायत के सदस्य, उद्योग प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एसडीएम हरोली की मौजूदगी में तीन बिंदुओं पर सहमति जताते हुए ग्रामीण मौके से हटे। उद्योग प्रबंधन बायलर व सक्शन के संबंध में आम मुद्दों पर हुए समझौते को 30 दिनों के अंदर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों अनुसार पूरा करेंगे। इसके बाद अगले दस दिन तक इसे ट्रायल तौर पर चलाया जाएगा। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी व ग्राम पंचायत के सदस्य मौजूद रहेंगे।
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संघर्ष कमेटी ने साफ किया है कि ट्रायल करते समय हानिकारक व प्रदूषित गैस न निकले, इसकी तस्दीक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी व ग्राम पंचायत के सदस्य करेंगे। इस दौरान सांस को प्रभावित करने वाली धुआं न निकले, इसे लेकर भी जांच पड़ताल होगी। सभी की तस्दीक के बाद ही उद्योग चालू होगा। उद्योग यदि मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करेगा। बायलर सक्शन नियमानुसार बंद होगा। जबकि प्लांट चलाने में कोई एतराज नहीं है। उधर, एसडीएम हरोली विकास शर्मा ने बताया कि समझौता वार्ता हुई है। उद्योग शुरू हो गया है।
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