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Una News: ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, सात दिन का अल्टीमेटम

Tue, 08 Apr 2025 05:42 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 08 Apr 2025 05:42 AM IST
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Contractors opened front against the government, gave 7 days ultimatum
बोले-जल्द कार्यों का भुगतान न हुआ तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर उतरेंगे
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सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने और क्षेत्र विशेष को प्राथमिकता देने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। कार्यों का भुगतान न होने पर ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा दिया है। इतना नही ठेकेदारों ने सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इस अवधि में उनके बकाया बिलों का भुगतान नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर उतरेंगे और एक्सईएन से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक घेराव करेंगे।
सोमवार को लोक निर्माण विभाग दौलतपुर चौक मंडल से जुड़े करीब 28 ठेकेदारों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिशासी अभियंता एचजी कौशल से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंप कर वित्त वर्ष 2024-25 के लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी करने की मांग की। ठेकेदारों ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने और क्षेत्र विशेष को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। प्रतिनिधिमंडल में हरमीत सिंह, पंकज धीमान, रमन जसवाल, मनु शर्मा, दलविंदर बबलू, रोहित ठाकुर, राजेश कुमार, सचिन ठाकुर, अश्वनी कुमार, आशीष ठाकुर, सौरव जरियाल, तरलोक चंद, राहुल शर्मा और विक्रांत ने एक सुर में सरकार से भुगतान की मांग की।
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ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में कार्य कर रहे ठेकेदारों के भुगतानों को निपटा दिया है, जबकि अन्य क्षेत्रों के ठेकेदार वित्तीय संकट और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक पक्षपात करार दिया। कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ठेकेदारों ने सवाल उठाए कि यदि राज्य सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है तो फिर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और अन्य विधायकों ने मार्च 2025 के अंतिम सप्ताह में अपनी तनख्वाह लाखों रुपये तक क्यों बढ़ा ली। जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, जल रक्षक, आशा वर्कर्स, सिलाई अध्यापिकाएं और मल्टी टास्क वर्कर जैसे कर्मचारी सालाना मात्र 300 से 500 रुपये की बढ़ोतरी से ही संतोष करने को मजबूर हैं। इस मौके पर अधिशासी अभियंता एचजी कौशल ने ठेकेदारों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याएं और मांगें उचित मंच पर पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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मानसिक तनाव में ठेकेदार, बैंकों का दबाव

ठेकेदारों ने कहा कि बकाया भुगतान न होने से ठेकेदारों के बैंक खाते एनपीए हो चुके हैं, क्रशर मालिकों, सरिया सप्लायर्स और मिस्त्रियों तथा मजदूरों के भुगतान रुके पड़े हैं। इस कारण बैंक नोटिस जारी कर रहे हैं और मजदूर घरों तक आकर अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं। ठेकेदारों ने चेताया कि यदि इसी तरह के हालात रहे तो सरकार को किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी लेनी होगी।
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