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Una News: बदलते मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता, गेहूं की कटाई में जुटे
Sat, 18 Apr 2026 01:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 18 Apr 2026 01:38 AM IST
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गगरेट/बंगाणा/पंडोगा (ऊना)। जिला ऊना के गगरेट, बंगाणा व आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आसमान में छाए बादलों और बारिश की आशंका के बीच खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को सुरक्षित निकालने के लिए किसान दिन-रात मेहनत में जुट गए हैं। कई स्थानों पर कटाई और थ्रेसिंग का कार्य तेज कर दिया गया जबकि कुछ किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है और कटाई का अंतिम दौर चल रहा है। ऐसे में यदि बारिश होती है तो खुले खेतों में खड़ी या कटी फसल को भारी नुकसान हो सकता है। गगरेट क्षेत्र के किसान संजीव चड्डा, इंद्रजीत सिंह, रघुवंत ठाकुर और सुदेश ठाकुर का कहना है कि गेहूं जैसी फसल पर उनकी आर्थिकी निर्भर करती है। यदि कटाई के समय मौसम बिगड़ता है तो पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
वहीं बंगाणा उपमंडल में भी गेहूं की कटाई-थ्रेसिंग का सीजन चरम पर है। कुछ किसानों ने फसल काट ली है जबकि कई अभी कटाई में लगे हुए हैं। राधेश्याम, संजीव शर्मा, विजय रजादा, सुरेश कुमार, सोम नाथ सोनी, गुरबचन सिंह व अन्य किसानों ने बताया कि मौसम की अनिश्चितता के चलते कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान रमेश ठाकुर, देवेंद्र सिंह, विकास कुमार व सुरेश कुमार का कहना है कि बदलते मौसम ने खेती का गणित बिगाड़ दिया है। पहले मौसम का एक तय क्रम होता था लेकिन अब अचानक बदलाव से जोखिम बढ़ गया है।
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महिला किसानों कमला देवी, विमला कुमारी, सीता देवी व शकुंतला ने बताया कि फसल निकालने के साथ-साथ उसे सही तरीके से सुखाना भी बड़ी चुनौती है। यदि फसल में नमी रह गई तो सड़ने का खतरा बना रहता है। उधर, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में हल्के बदलाव की संभावना जताई है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि इस समय फसल में नमी अधिक होने के कारण किसानों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कटाई के बाद फसल को अच्छी तरह धूप में सुखाकर सुरक्षित स्थान पर भंडारित करना जरूरी है।
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किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है और कटाई का अंतिम दौर चल रहा है। ऐसे में यदि बारिश होती है तो खुले खेतों में खड़ी या कटी फसल को भारी नुकसान हो सकता है। गगरेट क्षेत्र के किसान संजीव चड्डा, इंद्रजीत सिंह, रघुवंत ठाकुर और सुदेश ठाकुर का कहना है कि गेहूं जैसी फसल पर उनकी आर्थिकी निर्भर करती है। यदि कटाई के समय मौसम बिगड़ता है तो पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
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वहीं बंगाणा उपमंडल में भी गेहूं की कटाई-थ्रेसिंग का सीजन चरम पर है। कुछ किसानों ने फसल काट ली है जबकि कई अभी कटाई में लगे हुए हैं। राधेश्याम, संजीव शर्मा, विजय रजादा, सुरेश कुमार, सोम नाथ सोनी, गुरबचन सिंह व अन्य किसानों ने बताया कि मौसम की अनिश्चितता के चलते कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान रमेश ठाकुर, देवेंद्र सिंह, विकास कुमार व सुरेश कुमार का कहना है कि बदलते मौसम ने खेती का गणित बिगाड़ दिया है। पहले मौसम का एक तय क्रम होता था लेकिन अब अचानक बदलाव से जोखिम बढ़ गया है।
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महिला किसानों कमला देवी, विमला कुमारी, सीता देवी व शकुंतला ने बताया कि फसल निकालने के साथ-साथ उसे सही तरीके से सुखाना भी बड़ी चुनौती है। यदि फसल में नमी रह गई तो सड़ने का खतरा बना रहता है। उधर, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में हल्के बदलाव की संभावना जताई है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि इस समय फसल में नमी अधिक होने के कारण किसानों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कटाई के बाद फसल को अच्छी तरह धूप में सुखाकर सुरक्षित स्थान पर भंडारित करना जरूरी है।