{"_id":"69b4584f6c2cffa2ee0c8397","slug":"chaitra-month-fair-starts-today-at-baba-balak-nath-temple-deotsidh-una-news-c-93-1-una1002-184593-2026-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चैत्र मास मेले आज से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चैत्र मास मेले आज से
Sat, 14 Mar 2026 12:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
थाना कलां (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चैत्र मास मेले 14 मार्च से शुरू होकर 13 अप्रैल तक एक माह तक चलेंगे। मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मेले की शुरुआत पारंपरिक झंडा रस्म से होगी। मेले के अवसर पर मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है तथा सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीमें भी पूरी तरह अलर्ट हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लंगर और दर्शन की व्यवस्था 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही सराय और होटलों में ठहरने की विशेष व्यवस्था भी की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। दियोटसिद्ध स्थित मंदिर धौलागिरी पर्वत की प्राकृतिक गुफा में स्थित है जहां बाबा बालक नाथ की दिव्य प्रतिमा विराजमान है। यह स्थान उत्तर भारत के प्रमुख सिद्धपीठों में से एक माना जाता है और मान्यता है कि यहां सच्चे मन से दर्शन करने पर भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
बाबा जी को आटे, चीनी या गुड़ से बना विशेष रोट प्रसाद चढ़ाया जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि निसंतान दंपती यहां आकर प्रार्थना करे तो संतान सुख की प्राप्ति होती है। रविवार को बाबा का विशेष दिन माना जाता है और इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
विज्ञापन
मंदिर की परंपरा के अनुसार महिलाओं का गुफा के अंदर प्रवेश वर्जित है इसलिए गुफा के सामने एक ऊंचा चबूतरा बनाया गया है, जहां से महिलाएं बाबा के दर्शन करती हैं। मंदिर से लगभग चार किलोमीटर दूर शाहतलाई स्थित है, जहां बाबा बालक नाथ ने तपस्या की थी। यहां से दियोटसिद्ध तक बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बाबा बालक नाथ को भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय का अवतार माना जाता है।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लंगर और दर्शन की व्यवस्था 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साथ ही सराय और होटलों में ठहरने की विशेष व्यवस्था भी की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। दियोटसिद्ध स्थित मंदिर धौलागिरी पर्वत की प्राकृतिक गुफा में स्थित है जहां बाबा बालक नाथ की दिव्य प्रतिमा विराजमान है। यह स्थान उत्तर भारत के प्रमुख सिद्धपीठों में से एक माना जाता है और मान्यता है कि यहां सच्चे मन से दर्शन करने पर भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
विज्ञापन
बाबा जी को आटे, चीनी या गुड़ से बना विशेष रोट प्रसाद चढ़ाया जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि निसंतान दंपती यहां आकर प्रार्थना करे तो संतान सुख की प्राप्ति होती है। रविवार को बाबा का विशेष दिन माना जाता है और इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
विज्ञापन
मंदिर की परंपरा के अनुसार महिलाओं का गुफा के अंदर प्रवेश वर्जित है इसलिए गुफा के सामने एक ऊंचा चबूतरा बनाया गया है, जहां से महिलाएं बाबा के दर्शन करती हैं। मंदिर से लगभग चार किलोमीटर दूर शाहतलाई स्थित है, जहां बाबा बालक नाथ ने तपस्या की थी। यहां से दियोटसिद्ध तक बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बाबा बालक नाथ को भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय का अवतार माना जाता है।