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Una News: जिला में मक्की की फसल का अच्छा विकल्प बनी बैंगन की खेती

Sun, 28 Apr 2024 02:11 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sun, 28 Apr 2024 02:11 AM IST
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Brinjal cultivation becomes a good alternative to maize crop in the district
किसानों ने मक्की का नुकसान देख वैकल्पिक फसलों पर दिया ध्यान
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बीते वर्ष किसानों को बैंगन की फसल में हुआ था लाभ, मक्की में नुकसान
किसानों ने बैंगन के अलावा फ्रांसबीन, खीरा, घीया आदि पर किया फोकस

संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। पारंपरिक फसलों में हर साल हो रहे नुकसान के बीच अब किसानों ने इसके विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में अब किसानों ने गेहूं की कटाई के बाद मक्की की फसल का विकल्प भी तलाश लिया है। इस बार कई किसान मक्की के बजाय बैंगन उगाने को तवज्जो दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार बीते सालों में आलू की जगह बैंगन की खेती करने का फैसला किसानों के लिए फायदेमंद रहा। बीते साल भी किसानों को बैंगन फसल की कीमतें अच्छी मिली।
वहीं, इसके विपरीत मक्की की फसल में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। खराब मौसम और कीड़े की मार से काफी फसल खराब हुई और किसानों के लिए जेब खर्च पूरा करना तक मुश्किल हो गया। साल 2021 और 22 में बैंगन की अधिकतम कीमत 25 रुपये प्रति किलो और न्यूनतम 12 से 14 रुपये तक रही। इसी तरह साल 2023 में भी बैंगन को शुरुआत में दाम कम मिले, लेकिन बाद में अच्छी कीमत वसूल हुई। किसानों ने पिकअप गाड़ियों के जरिये बैंगन को खेत में ही पैक कर पंजाब की मंडियों में बेचा। किसान विनोद कुमार, अमनदीप, अशोक कुमार, मोनू कुमार, रविंद्र पाल ने कहा कि मक्की और गेहूं की फसलों में लगातार नुकसान हो रहा है। मजबूरी में अब हरी सब्जियों को उगाना पड़ रहा है। हालांकि पारंपरिक फसलें आसानी से तैयार हो जाती हैं, लेकिन उनमें बचत भी कुछ नहीं है, जबकि हरी सब्जियां तैयार करने में मेहनत जरूर होती है, लेकिन उनमें पैसा भी बचता है। यही वजह है कि अब बैंगन जैसी फसल सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। बता दें कि राज्य के किसान अप्रैल-मई महीने में 1012 हेक्टेयर जमीन पर बैंगन के पौधे लगाते हैं। जुलाई के दूसरे सप्ताह तक फसल तैयार हो जाती है। इसके बाद तुड़ान शुरू हो जाता है और अक्तूबर महीने के अंत तक एक सप्ताह के अंतराल में यह प्रक्रिया जारी रहती है।
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ऊना के किसान प्रगतिशील हैं। उन्हें जलवायु के अनुकूल हर फसल को तैयार करने का अनुभव है। उम्मीद है कि जो किसान बैंगन उगाएंगे, उन्हें अच्छा लाभ प्राप्त होगा। वहीं, मक्की की फसल भी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहने पर यह फसल भी शानदार पैदावार दे जाती है।
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डाॅक्टर कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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