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ब्रांडेड दवाई मामला: अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सक से मांगा लिखित जबाव
Wed, 06 May 2026 07:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 06 May 2026 07:17 AM IST
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ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को ब्रांडेड दवाइयां लिखे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया है और इसको लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। प्रबंधन ने संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगते हुए उन्हें लिखित जवाब देने के निर्देश जारी किए हैं।
बीते सोमवार को क्षेत्रीय अस्पताल के एक विशेषज्ञ ने उपचार के दौरान मरीज को ब्रांडेड दवाइयां लिखी। मरीज द्वारा संबंधित दवाइयां न लाने पर भड़कते हुए पर्ची पर लिखी गई दवाइयों को पेन से काट दिया। अमर उजाला में यह मामला प्रमुखता से उठने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित विशेषज्ञ से लिखित जवाब मांगा है। बता दें कि पिछले कुछ समय से अस्पताल में आने वाले मरीजों को जेनेरिक दवाइयों की बजाय महंगी ब्रांडेड दवाइयां लिखे जाने के मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सस्ती और प्रभावी जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। इसके बावजूद यदि कोई चिकित्सक ब्रांडेड दवाइयां लिखता पाया जाता है तो इसे नियमों की अवहेलना माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। साथ ही अस्पताल की फार्मेसी व्यवस्था को भी और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर भी अस्पताल प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। प्रबंधन ने साफ कहा है कि किसी भी मरीज के साथ अभद्र व्यवहार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति से पेश आएं।
मामले को लेकर विशेषज्ञ से लिखित तौर पर जवाब मांगा है। सभी स्टाफ सदस्यों को संवदेनशील होकर मरीजों का उपचार करने के निर्देश दिए हैं। नियमों की अनदेखी किसी स्तर पर कोताही सहन नहीं होगी। विशेषज के जवाब पर जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
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बीते सोमवार को क्षेत्रीय अस्पताल के एक विशेषज्ञ ने उपचार के दौरान मरीज को ब्रांडेड दवाइयां लिखी। मरीज द्वारा संबंधित दवाइयां न लाने पर भड़कते हुए पर्ची पर लिखी गई दवाइयों को पेन से काट दिया। अमर उजाला में यह मामला प्रमुखता से उठने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित विशेषज्ञ से लिखित जवाब मांगा है। बता दें कि पिछले कुछ समय से अस्पताल में आने वाले मरीजों को जेनेरिक दवाइयों की बजाय महंगी ब्रांडेड दवाइयां लिखे जाने के मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सस्ती और प्रभावी जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। इसके बावजूद यदि कोई चिकित्सक ब्रांडेड दवाइयां लिखता पाया जाता है तो इसे नियमों की अवहेलना माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। साथ ही अस्पताल की फार्मेसी व्यवस्था को भी और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर भी अस्पताल प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। प्रबंधन ने साफ कहा है कि किसी भी मरीज के साथ अभद्र व्यवहार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति से पेश आएं।
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मामले को लेकर विशेषज्ञ से लिखित तौर पर जवाब मांगा है। सभी स्टाफ सदस्यों को संवदेनशील होकर मरीजों का उपचार करने के निर्देश दिए हैं। नियमों की अनदेखी किसी स्तर पर कोताही सहन नहीं होगी। विशेषज के जवाब पर जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना