फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Austrian experts will design measures to secure the Jhalogi Tunnel.

Una News: झलोगी टनल को सुरक्षित करने के लिए आस्ट्रिया के विशेषज्ञ बनाएंगे डिजाइन

Tue, 13 Oct 2026 04:35 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 04:35 AM IST
विज्ञापन
Austrian experts will design measures to secure the Jhalogi Tunnel.
झलोगी टनल का बंद मुहाना। इसे अब सुर​​क्षित जगह बनाने की योजना है। संवाद
मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर झलोगी टनल के क्षतिग्रस्त मुहाने को सुरक्षित बनाने के लिए अब ऑस्ट्रिया के विशेषज्ञ विस्तृत डिजाइन तैयार करेंगे। प्रारंभिक डिजाइन (प्री-डिजाइन) में टनल का मुहाना मौजूदा स्थान से करीब 500 मीटर आगे निकालने का सुझाव दिया गया है। इस विकल्प के तहत सुरंग की लंबाई करीब 300 मीटर बढ़ सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की योजना अस्थिर पहाड़ी के जोखिम वाले हिस्से को छेड़े बिना टनल के प्रवेश द्वार को सुरक्षित स्थान पर बनाने की है।
विज्ञापन

झलोगी टनल के मुहाने पर वर्ष 2023 में भूस्खलन शुरू हुआ था, जो वर्ष 2025 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान और गंभीर हो गया। पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिरने के कारण टनल के प्रवेश द्वार को नुकसान पहुंचा। इसके बाद इस हिस्से की सुरक्षा को लेकर नए तकनीकी विकल्प तलाशे गए। ऑस्ट्रिया के विशेषज्ञ ने मौके का तकनीकी आकलन कर प्रभावित मुहाने को पुराने स्थान पर दोबारा बनाने के बजाय आगे सुरक्षित स्थान पर नया मुहाना बनाने का सुझाव दिया था।
विज्ञापन

प्रस्तावित बदलाव का मुख्य उद्देश्य टनल के प्रवेश द्वार को पहाड़ी से गिरने वाली चट्टानों और मलबे के खतरे से दूर रखना है। इसके लिए केवल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करने के बजाय टनल के मुहाने की स्थिति बदलने का विकल्प अपनाया जा रहा है। अब ऑस्ट्रिया के विशेषज्ञ विस्तृत डिजाइन में भूगर्भीय परिस्थितियों, पहाड़ी की स्थिरता और नए मुहाने की तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्री-डिजाइन में सुझाए गए विकल्प के अनुसार मुहाने की स्थिति बदलने से सुरंग की लंबाई में करीब 300 मीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, अंतिम डिजाइन में ही वास्तविक एलाइनमेंट, निर्माण की तकनीकी व्यवस्था और लंबाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
झलोगी टनल को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विस्तृत अध्ययन के बाद डीपीआर स्वीकृति के लिए एनएचएआई मुख्यालय भेजी जाएगी।
-दिग्व्रत, उपप्रबंधक, एनएचएआई पीआईयू मंडी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed