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Una News: स्कूलों में दाखिले के समय केवल ऑनलाइन निकाले जन्म प्रमाणपत्र होंगे स्वीकार
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शिक्षा विभाग ने कहा, मैनुअल बर्थ सर्टिफिकेट दाखिले के समय न किए जाएं स्वीकार
अभिभावकों में जागरूकता की कमी रही तो दाखिले के समय बढ़ेगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी और निजी प्रारंभिक स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाते समय केवल ऑनलाइन तरीके से निकाले जन्म प्रमाण पत्र ही स्वीकार होंगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को आदेश जारी किए हैं कि जन्म प्रमाण पत्र की हाथ से तैयार (मैनुअल) कॉपी को स्वीकार न करें। नए शैक्षणिक सत्र में सभी स्कूलों को इस बात का विशेष ख्याल रखने की हिदायत दी गई है।
जानकारी के अनुसार स्कूलों में बच्चों के दाखिले के समय उनकी आयु सुनिश्चित करने की पुष्टि को जन्म प्रमाण पत्र सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है। बच्चे के दाखिले के समय इसे स्कूल में जमा करवाया जाता है। साल 2015 से पहले जन्म प्रमाण पत्र मैनुअल तरीके से तैयार होते थे और वही कॉपी स्कूलों में जमा होती थी। लेकिन, 2015 के बाद जन्म और मृत्यु से जुड़ा सारा आंकड़ा ऑनलाइन कर दिया गया। इसी के साथ बच्चों के जन्म से ही उनका ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ा आंकड़ा भरा जाता है। इसके लिए अस्पतालों में कई कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद देखने में आया कि स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए अभी भी अभिभावक मैनुअल कॉपी देते हैं। शिक्षा निदेशालय ने सभी उपनिदेशक कार्यालयों को हिदायत दी है कि नए शैक्षणिक सत्र में ऐसे चूक न हो।
बॉक्स
अभिभावकों को जागरूक करना रहेगी चुनौती
स्कूल प्रबंधकों के लिए दाखिले के समय अभिभावकों को इस बारे में जागरूक करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। व्यवस्था के अनुसार वर्तमान में ऑनलाइन तरीके से तैयार जन्म प्रमाण पत्र बन रहे हैं लेकिन अगर किसी बच्चे का मैनुअल प्रमाण पत्र पाया गया तो उसे दोबारा प्रमाण पत्र तैयार करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में कई दिन का समय लग सकता है। अध्यापकों को दाखिलों से पहले अभिभावकों को इस बारे में सूचित करना एक विकल्प हो सकता है लेकिन इसके लिए भी अतिरिक्त समय खर्च करना पड़ेगा।
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सभी निजी और सरकारी स्कूलों को हिदायत दी गई है कि नए दाखिलों के समय ऑनलाइन तरीके से तैयार जन्म प्रमाण पत्र ही मंजूर करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अगर किसी प्रकार की समस्या आती है तो विभाग के अधिकारियों से मदद ली जा सकती है।
सोमलाल धीमान, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग
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अभिभावकों में जागरूकता की कमी रही तो दाखिले के समय बढ़ेगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी और निजी प्रारंभिक स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाते समय केवल ऑनलाइन तरीके से निकाले जन्म प्रमाण पत्र ही स्वीकार होंगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को आदेश जारी किए हैं कि जन्म प्रमाण पत्र की हाथ से तैयार (मैनुअल) कॉपी को स्वीकार न करें। नए शैक्षणिक सत्र में सभी स्कूलों को इस बात का विशेष ख्याल रखने की हिदायत दी गई है।
जानकारी के अनुसार स्कूलों में बच्चों के दाखिले के समय उनकी आयु सुनिश्चित करने की पुष्टि को जन्म प्रमाण पत्र सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है। बच्चे के दाखिले के समय इसे स्कूल में जमा करवाया जाता है। साल 2015 से पहले जन्म प्रमाण पत्र मैनुअल तरीके से तैयार होते थे और वही कॉपी स्कूलों में जमा होती थी। लेकिन, 2015 के बाद जन्म और मृत्यु से जुड़ा सारा आंकड़ा ऑनलाइन कर दिया गया। इसी के साथ बच्चों के जन्म से ही उनका ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ा आंकड़ा भरा जाता है। इसके लिए अस्पतालों में कई कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद देखने में आया कि स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए अभी भी अभिभावक मैनुअल कॉपी देते हैं। शिक्षा निदेशालय ने सभी उपनिदेशक कार्यालयों को हिदायत दी है कि नए शैक्षणिक सत्र में ऐसे चूक न हो।
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अभिभावकों को जागरूक करना रहेगी चुनौती
स्कूल प्रबंधकों के लिए दाखिले के समय अभिभावकों को इस बारे में जागरूक करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। व्यवस्था के अनुसार वर्तमान में ऑनलाइन तरीके से तैयार जन्म प्रमाण पत्र बन रहे हैं लेकिन अगर किसी बच्चे का मैनुअल प्रमाण पत्र पाया गया तो उसे दोबारा प्रमाण पत्र तैयार करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में कई दिन का समय लग सकता है। अध्यापकों को दाखिलों से पहले अभिभावकों को इस बारे में सूचित करना एक विकल्प हो सकता है लेकिन इसके लिए भी अतिरिक्त समय खर्च करना पड़ेगा।
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सभी निजी और सरकारी स्कूलों को हिदायत दी गई है कि नए दाखिलों के समय ऑनलाइन तरीके से तैयार जन्म प्रमाण पत्र ही मंजूर करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अगर किसी प्रकार की समस्या आती है तो विभाग के अधिकारियों से मदद ली जा सकती है।
सोमलाल धीमान, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग