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क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में एंटीनेटल टेस्ट की सुविधा ठप

Thu, 02 Jun 2022 11:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2022 11:42 PM IST
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Antenatal test facility stalled in Regional Hospital Una
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में स्त्री रोग विशेषज्ञ ने गर्भवती महिला को रोगी पर्ची पर लिखा डबल मार्कर ? - फोटो : Una
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए एंटीनेटल टेस्ट (प्रसव पूर्व जांच) की सुविधा फिलहाल ठप है। पहले एंटीनेटल टेस्ट तत्कालीन अनुबंधित एसआर लैब में निशुल्क हुआ करते थे। अब नई अनुबंधित क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स लैब में फिलहाल, यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल की सरकारी लैब में यह टेस्ट पहले से ही नहीं होते। ऐसे में गर्भवती महिलाएं निजी लैब के चक्कर लगाने रही हैं। एंटीनेटल टेस्ट के लिए उन्हें 2,000 से 3,500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल में जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक स्वास्थ्य जांच के बाद एंटीनेटल टेस्ट के तहत डबल मार्कर व ट्रिपल मार्कर टेस्ट करवाने की सलाह दे रहे हैं। ओपीडी पर्ची पर चिकित्सक की सलाह पर महिलाएं अस्पताल में बनी निजी व सरकारी दोनों प्रयोगशाला में पहुंच रहीं हैं तो उन्हें बिना टेस्ट ही लौटाया जा रहा है। निजी लैब टेस्ट करवाने के लिए महिलाओं को 2,000 से 3,500 रुपये तक शुल्क चुकाना पड़ रहा है।
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इस संबंध में क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स लैब के समन्वयक जॉबी जोसेफ ने बताया कि सरकार से प्राप्त सूची के अनुसार ही सभी टेस्ट प्रयोगशाला में किए जाते हैं। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मंजू बहल ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में आया है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से बात की जाएगी। जल्द ही गर्भवती महिलाओं की एंटीनेटल टेस्ट से जुड़ी समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
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इसलिए किए जाते हैं यह टेस्ट
चिकित्सकों गर्भस्थ शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए एंटीनेटल टेस्ट के तहत डबल मार्कर व ट्रिपल मार्कर टेस्ट करवाते हैं। इस टेस्ट को गर्भावस्था के 11-14 सप्ताह के भीतर किया जाता है। इस टेस्ट के जरिये चिकित्सक समय रहते शिशु के विकास के बारे में पता लगाकर कोई दिक्कत होने पर उसका समय रहते उपचार सुनिश्चित करते हैं।

क्षेत्रीय अस्पताल में जांच के लिए पहुंची सपना देवी को स्त्री रोग विशेषज्ञ की तरफ से डबल मार्कर टेस्ट करवाने के लिए लिखा गया। इस पर सपना देवी ने अस्पताल की सरकारी लैब में पता किया तो उक्त टेस्ट की सुविधा न होने के चलते उसे अस्पताल में चल रही क्रस्ना लैब में भेजा गया। इस लैब में भी उक्त टेस्ट न होने के चलते गर्भवती महिला को मायूस होकर निजी लैब में जाकर टेस्ट करवाना पड़ा। सपना का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल की लैब में टेस्ट की निशुल्क सुविधा सुनिश्चित की जाए।
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