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एडीजे कोर्ट को नियमित किया जाए : एसोसिएशन
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अंब में महीने में एक सप्ताह ही लगता है एडीजे कोर्ट
गगरेट में प्रस्तावित कोर्ट कांप्लेक्स को अंब के नवनिर्मित न्यायालय भवन में चलाया जाए
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप शर्मा और महाधिवक्ता अनूप रतन ने किया दौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप शर्मा और महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) अनूप रतन ने शुक्रवार को अंब न्यायालय परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अंब बार एसोसिएशन के सदस्यों से मुलाकात की और अधिवक्ताओं की समस्याएं सुनीं। अंब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रिंस सूद ने न्यायमूर्ति संदीप शर्मा से आग्रह किया कि अंब में वर्तमान में महीने में एक सप्ताह के लिए लगने वाले एडीजे (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) कोर्ट को नियमित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को अधिक सुविधा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने गगरेट में प्रस्तावित कोर्ट कांप्लेक्स को अंब के नव-निर्मित न्यायालय भवन से संचालित करने की मांग रखी। प्रिंस सूद ने बताया कि अंब के इस नए कांप्लेक्स में छह कोर्ट के संचालन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए गगरेट के लिए प्रस्तावित कोर्ट को यहीं से चलाना अधिवक्ताओं के लिए भी सुविधाजनक रहेगा। उन्होंने एडवोकेट जनरल से यह भी मांग की कि अंब का मिनी सचिवालय वर्तमान तहसील कार्यालय परिसर में स्थापित किया जाए। इस अवसर पर अधिवक्ता रवि पराशर, रितेश पलियाल, राकेश चौरी, रजनीश शर्मा, जय कुमार शर्मा, मंगल सिंह राणा सहित बार एसोसिएशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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गगरेट में प्रस्तावित कोर्ट कांप्लेक्स को अंब के नवनिर्मित न्यायालय भवन में चलाया जाए
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप शर्मा और महाधिवक्ता अनूप रतन ने किया दौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप शर्मा और महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) अनूप रतन ने शुक्रवार को अंब न्यायालय परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अंब बार एसोसिएशन के सदस्यों से मुलाकात की और अधिवक्ताओं की समस्याएं सुनीं। अंब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रिंस सूद ने न्यायमूर्ति संदीप शर्मा से आग्रह किया कि अंब में वर्तमान में महीने में एक सप्ताह के लिए लगने वाले एडीजे (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) कोर्ट को नियमित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को अधिक सुविधा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने गगरेट में प्रस्तावित कोर्ट कांप्लेक्स को अंब के नव-निर्मित न्यायालय भवन से संचालित करने की मांग रखी। प्रिंस सूद ने बताया कि अंब के इस नए कांप्लेक्स में छह कोर्ट के संचालन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए गगरेट के लिए प्रस्तावित कोर्ट को यहीं से चलाना अधिवक्ताओं के लिए भी सुविधाजनक रहेगा। उन्होंने एडवोकेट जनरल से यह भी मांग की कि अंब का मिनी सचिवालय वर्तमान तहसील कार्यालय परिसर में स्थापित किया जाए। इस अवसर पर अधिवक्ता रवि पराशर, रितेश पलियाल, राकेश चौरी, रजनीश शर्मा, जय कुमार शर्मा, मंगल सिंह राणा सहित बार एसोसिएशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।