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Una News: छह लाख की आबादी, एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं
Sat, 17 Oct 2026 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:51 AM IST
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ऊना। करीब छह लाख की आबादी वाले जिले में हृदय रोगियों के उपचार के लिए सरकारी स्तर पर एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलोजिस्ट) उपलब्ध नहीं है।
हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को जांच और उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं गंभीर स्थिति में मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जाता है।
आपातकाल में समय पर विशेष उपचार नहीं मिलने और दूसरे शहर तक पहुंचने में लगने वाले समय के कारण मरीजों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने के बावजूद हृदय रोगियों के लिए विशेषज्ञ उपचार की व्यवस्था एक बड़ी जरूरत बनी हुई है। हृदय संबंधी बीमारियों में कई बार मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है।
ऐसे में जिला स्तर पर हृदय रोग विशेषज्ञ और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है। इसके अभाव में मरीजों को उपचार के लिए दूसरे चिकित्सा संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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हृदय रोग से संबंधित गंभीर समस्या होने पर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ सहित निजी चिकित्सा संस्थानों में जाना पड़ता है।
आपात स्थिति में मरीज को रेफर करने के बाद वहां तक पहुंचने में लगने वाला समय भी चुनौती बन जाता है। ऐसे मामलों में समय पर उपचार नहीं मिल पाने से मरीज की जान पर जोखिम बढ़ जाता है।
जिले की आबादी करीब छह लाख होने के बावजूद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में हृदय रोग विशेषज्ञ की सुविधा नहीं होना उपचार संबंधी जरूरतों पर सवाल खड़े करता है।
जिला स्तर पर हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती और आवश्यक जांच व उपचार सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर परामर्श मिल सकता है। साथ ही गंभीर मरीजों की शुरुआती जांच और उपचार के बाद जरूरत के अनुसार उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर किया जाता है।
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हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को जांच और उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं गंभीर स्थिति में मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जाता है।
आपातकाल में समय पर विशेष उपचार नहीं मिलने और दूसरे शहर तक पहुंचने में लगने वाले समय के कारण मरीजों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने के बावजूद हृदय रोगियों के लिए विशेषज्ञ उपचार की व्यवस्था एक बड़ी जरूरत बनी हुई है। हृदय संबंधी बीमारियों में कई बार मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है।
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ऐसे में जिला स्तर पर हृदय रोग विशेषज्ञ और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है। इसके अभाव में मरीजों को उपचार के लिए दूसरे चिकित्सा संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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हृदय रोग से संबंधित गंभीर समस्या होने पर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ सहित निजी चिकित्सा संस्थानों में जाना पड़ता है।
आपात स्थिति में मरीज को रेफर करने के बाद वहां तक पहुंचने में लगने वाला समय भी चुनौती बन जाता है। ऐसे मामलों में समय पर उपचार नहीं मिल पाने से मरीज की जान पर जोखिम बढ़ जाता है।
जिले की आबादी करीब छह लाख होने के बावजूद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में हृदय रोग विशेषज्ञ की सुविधा नहीं होना उपचार संबंधी जरूरतों पर सवाल खड़े करता है।
जिला स्तर पर हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती और आवश्यक जांच व उपचार सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर परामर्श मिल सकता है। साथ ही गंभीर मरीजों की शुरुआती जांच और उपचार के बाद जरूरत के अनुसार उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर किया जाता है।