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Una News: निजी स्कूलों के दस्तावेज और अन्य व्यवस्था जांचने के लिए चलेगा अभियान
Tue, 04 Nov 2025 05:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 04 Nov 2025 05:48 AM IST
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ऊना। जिले के निजी स्कूलों में नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी। शिक्षा विभाग की टीम स्कूलों के औचक निरीक्षण कर दस्तावेजों के आंकड़ों को परखेगी। इसके साथ ही स्कूल में खेल मैदान, अध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता, बच्चों की संख्या के अनुसार विद्यालय की सुविधाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के दाखिले की जानकारी भी ली जाएगी। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई भी होगी।
जानकारी के अनुसार उपायुक्त ऊना द्वारा कुछ दिन पहले शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे कि निजी स्कूलों में मानकों के पालन को परखा जाए। इसमें खेल मैदान कितना बड़ा होगा, बच्चों की संख्या अनुसार पर्याप्त स्थान, वाहन सुविधाओं में नियमों का पालन व अध्यापकों की योग्यता शामिल है। यही नहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कितने विद्यार्थी स्कूल में पढ़ाई कर रहे, इसकी जानकारी भी ली जाएगी। शिक्षा विभाग टीम आने वाले माह में यह अभियान जारी रहेगा।
उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि विभाग की टीम निजी स्कूलों में मानकों को परखने का अभियान छेड़ रही है। सरकारी के साथ निजी स्कूलों में भी बच्चों को शिक्षा से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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कई स्कूलों में भारी अनियमितताएं
ध्यान रहे कि जिले में कई निजी स्कूलों के वाहनों की व्यवस्था निजी ट्रांसपोर्टरों के जिम्मे है। यही नहीं विद्यार्थियों को बसों व अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक संख्या में बिठाया जाता है। इसके अलावा कई स्कूलों में पर्याप्त मैदान भी नहीं। बच्चों की शारीरिक गतिविधियां न के बराबर हैं। कुछ अध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता भी आवश्यकता के अनुरूप नहीं है।
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जानकारी के अनुसार उपायुक्त ऊना द्वारा कुछ दिन पहले शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे कि निजी स्कूलों में मानकों के पालन को परखा जाए। इसमें खेल मैदान कितना बड़ा होगा, बच्चों की संख्या अनुसार पर्याप्त स्थान, वाहन सुविधाओं में नियमों का पालन व अध्यापकों की योग्यता शामिल है। यही नहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कितने विद्यार्थी स्कूल में पढ़ाई कर रहे, इसकी जानकारी भी ली जाएगी। शिक्षा विभाग टीम आने वाले माह में यह अभियान जारी रहेगा।
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उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि विभाग की टीम निजी स्कूलों में मानकों को परखने का अभियान छेड़ रही है। सरकारी के साथ निजी स्कूलों में भी बच्चों को शिक्षा से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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कई स्कूलों में भारी अनियमितताएं
ध्यान रहे कि जिले में कई निजी स्कूलों के वाहनों की व्यवस्था निजी ट्रांसपोर्टरों के जिम्मे है। यही नहीं विद्यार्थियों को बसों व अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक संख्या में बिठाया जाता है। इसके अलावा कई स्कूलों में पर्याप्त मैदान भी नहीं। बच्चों की शारीरिक गतिविधियां न के बराबर हैं। कुछ अध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता भी आवश्यकता के अनुरूप नहीं है।