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पापा ने बाइक गिफ्ट की तो लाडला क्या करे?

Fri, 27 Dec 2013 05:46 AM IST
Una
Una Updated Fri, 27 Dec 2013 05:46 AM IST
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ऊना। ऊना शहर समेत जिले के विभिन्न इलाकों में नाबालिग बेहिचक सड़काें पर दोपहिये वाहन दौड़ा रहे हैं। पुलिस बार-बार बैठकों और अन्य कार्यक्रमों में लोगों को आगाह कर रही है कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें। लेकिन शायद ऐसे अभिभावकों पर इन बातों का कोई असर नहीं हो रहा। पुलिस तो यहां तक कह चुकी है कि कोई नाबालिग वाहन चालक दौड़ाता हुआ पाया गया तो पुलिस वाहन को जब्त करेगी। केस परिजनों पर बनेगा। इसके बावजूद परिजन लापरवाही का परिचय देते हुए नाबालिग बच्चों को दोपहिये दौड़ाने की खुली छूट दे रहे हैं।
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इतना ही नहीं, कई बार नाबालिगों को कारें दौड़ाते हुए भी देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जब ऐसे बच्चों को पकड़ा जाता है तो वे कहते हैं कि पापा ने बाइक गिफ्ट में दी है। कई कहते हैं कि मुझे पापा ने यह गिफ्ट जन्मदिन पर दिया तो कई बताते हैं गिफ्ट परीक्षा में पास होने पर मिला है। जब पुलिस इन बच्चों से लाइसेंस आदि के बारे में पूछती है तो इन्हें यह भी पता नहीं होता कि लाइसेंस कहां बनता है और इसे बनवाना क्यों जरूरी है? भारी ट्रैफिक के बीच ऐसे कई नाबालिग वाहन चालक दुघर्टनाओं को न्योता दे रहे हैं। ऐसे बच्चों को वाहन दौड़ाते हुए देखा जा रहा है, जिनकी उम्र 12 से 15 वर्ष के बीच है। पुलिस के लिए तो मुश्किल तब होती है, जब ऐसे नाबालिग कहते हैं कि जल्दी चालान करो और बाकी पैसे वापस दो। हमें देर हो रही है। सड़कों पर नाबालिग वाहन चालकों की संख्या स्कूल लगने से पहले और स्कूलों में छुट्टी होने के बाद एकाएक बढ़ जाती है। स्कूली वर्दियों में ऐसे कई नाबालिग वाहन चालक स्कूटी, बाइक आदि दौड़ाते देखे जा रहे हैं। जो कई बार अपने साथी या रिश्तेदारों को साथ लेकर ट्रिपल राइडिंग से भी गुरेज नहीं करते।
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न अपनी परवाह, न दूसरों की
ऊना से ट्रैफिक इंचार्ज कुलदीप पटियाल ने कहा कि नाबालिग वाहन चालकों को उनके अभिभावकों द्वारा बढ़ावा देना गलत है। हैरानी वाली बात तो यह है कि कई अभिभावकों ने नाबालिग बच्चों को एक-एक लाख रुपये तक के दोपहिये दिए हुए हैं। ऐसे अभिभावकों को न तो अपने बच्चों की जान की परवाह होती है और न ही यह दूसरों की करते हैं।
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अभिभावक समझाएं ट्रैफिक रूल्स
एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि अभिभावकों को भी बच्चों को इस मामले में छूट नहीं देनी चाहिए और बच्चों को ट्रैफि क रूल्स भी समझाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नाबालिग वाहन दौड़ाते हुए पकड़े गए तो वाहन को जब्त करके परिजनों को थानोें में तलब किया जाएगा।
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