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अंब में शालिनी का वार्म वेलकम
Una
Updated Fri, 08 Nov 2013 05:42 AM IST
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अंब (ऊना)। आईएएस की परीक्षा में पूरे देश में 285वां रैंक पाकर आईपीएस में जगह बनाने वाली उपमंडल के ठठल गांव की शालिनी के घर में खुशी का माहौल है। शालिनी को कामयाबी पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। शालिनी के पिता रमेश अग्निहोत्री, माता शुभ लता, नानी शांति देवी, ताया मदन लाल बधाई देने वालों का आभार व्यक्त कर रहे हैं। घर में सारे रिश्तेदार पहुंचे हुए हैं। शालिनी ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत के दौरान कहा कि वह अपने पद के जरिये गरीब लोगों की सेवा करना चाहती है। गरीब और असहाय लोगाें की सहायता करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। अपनी सफलता का राज बयां करते हुए शालिनी कहती हैं कि टारगेट मंजिल नहीं, बल्कि मंजिल से भी दो तीन पायदान ऊपर निर्धारित करो। इससे मंजिल तक पहुंचना आसान होता है।
एचआरटीसी में कंडक्टर के पद पर तैनात रमेश अग्निहोत्री का कहना है कि शालिनी शुरू से ही होनहार रही है। डीएवी धर्मशाला से जमा दो की परीक्षा पास करने के बाद पालमपुर से बीएससी एग्रीकल्चर की। इसके बाद शालिनी पीयू लुधियाना से एमएससी करने चली गई। आज तक बिना किसी ट्यूशन के सभी मुकाम हासिल करने वाली शालिनी ने आईएएस में भी ये मुकाम बिना किसी कोचिंग क्लास के हासिल कर लिया। इससे पूर्व शालिनी की बड़ी बहन रजनी बीडीएस और छोटा भाई एनडीए क्लीयर कर माता-पिता को खुशी दे चुके हैं। वहीं शालिनी ने बेस्ट ट्रेनी अवार्ड के साथ आईपीएस में टाप करके उनकी खुशियों में चार चांद लगा दिए हैं। रमेश चंद का कहना है कि शालिनी पढ़ाई के साथ साथ खेलों में भी नाम कमा चुकी है। शालिनी अपने स्कूल क ी तरफ से नेशनल लेवल तक बैडमिंटन स्पर्धा में हिस्सा ले चुकी है।
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एचआरटीसी में कंडक्टर के पद पर तैनात रमेश अग्निहोत्री का कहना है कि शालिनी शुरू से ही होनहार रही है। डीएवी धर्मशाला से जमा दो की परीक्षा पास करने के बाद पालमपुर से बीएससी एग्रीकल्चर की। इसके बाद शालिनी पीयू लुधियाना से एमएससी करने चली गई। आज तक बिना किसी ट्यूशन के सभी मुकाम हासिल करने वाली शालिनी ने आईएएस में भी ये मुकाम बिना किसी कोचिंग क्लास के हासिल कर लिया। इससे पूर्व शालिनी की बड़ी बहन रजनी बीडीएस और छोटा भाई एनडीए क्लीयर कर माता-पिता को खुशी दे चुके हैं। वहीं शालिनी ने बेस्ट ट्रेनी अवार्ड के साथ आईपीएस में टाप करके उनकी खुशियों में चार चांद लगा दिए हैं। रमेश चंद का कहना है कि शालिनी पढ़ाई के साथ साथ खेलों में भी नाम कमा चुकी है। शालिनी अपने स्कूल क ी तरफ से नेशनल लेवल तक बैडमिंटन स्पर्धा में हिस्सा ले चुकी है।
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