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48 वर्ष बाद भी भटोली कॉलेज की अनदेखी, नहीं किया सरकारीकरण
Updated Wed, 05 Dec 2018 09:51 PM IST
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पंकज चब्बा
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संतोषगढ़ (ऊना)। शिक्षा के क्षेत्र में 48 साल से योगदान देने वाले एसवीएसडी कॉलेज भटोली का सरकारीकरण अभी भी ठंडे बस्ते में है। कभी निजी तो कभी सरकारी के फेर में उलझे भटोली कॉलेज के सरकारीकरण की आस क्षेत्र के लोगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बंधी हैं।
लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ऊना दौरे के दौरान भटोली कॉलेज के सरकारीकरण की घोषणा कर लोगों को तोहफा देंगेे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1970 में इलाहाबाद के संत सच्चे बाबा एवं क्षेत्र के संत स्वामी सेवा नंद गिरी और संत नवल के प्रयासों से भटोली कॉलेज स्थापित किया गया था।
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लोगों को शिक्षा देने के उद्देश्य से वर्ष 1970 में 150 छात्रों से शुरू हुए कॉलेज में शुरुआती समय में सात शिक्षक हुआ करते थे। कॉलेज का संचालन प्रबंधन समिति की देखरेख में था। वर्ष 1984-85 में प्रदेश सरकार ने कॉलेज को 95 फीसदी अनुदान राशि देनी शुरू कर दी। वर्ष 1990-1991 में कॉलेज में वित्तीय घोटाले के चलते संचालन संबंधी अधिकार सनातन धर्म सभा से डीसी ऊना को बतौर कॉलेज प्रशासक बनाकर स्थानांतरित किए गए। 1991 से वर्ष 2006 तक कॉलेज का कार्यभार डीसी की देखरेख में चलता रहा। लोगों की मांग के चलते वर्ष 2006 में सरकार ने कॉलेज के सरकारीकरण की अधिसूचना भी जारी कर दी थी। लेकिन दो साल बाद उच्च न्यायालय के आदेशों पर कॉलेज का प्रबंधन सभा को ही सौंप दिया गया।
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कॉलेज का प्रशासक दोबारा से डीसी ऊना को लगा दिया गया। कॉलेज सरकार के अधीन न होने के कारण और शिक्षा महंगी होने के कारण गरीब छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। साथ ही प्रदेश सरकार से कॉलेजों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ भी पूरी तरह से छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। अंब और बीटन कॉलेजों का अधिग्रहण हुए भी बरसों बीत चुके हैं मगर भटोली कॉलेज का मामला लटका है।