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Una News: 16 किसानों से खरीदी 80 क्विंटल प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की

Wed, 12 Nov 2025 07:08 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Nov 2025 07:08 PM IST
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80 quintals of maize grown through natural farming were purchased from 16 farmers.
ऊना जिले के रामपुर और टकारला अनाज मंडी में शुरू हुई मक्की की खरीद
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों की आर्थिकी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को ऊना जिला के रामपुर और टकारला अनाज मंडियों में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की की खरीद प्रक्रिया शुरू की गई। यह पहल कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत नागरिक आपूर्ति निगम के सहयोग से प्रारंभ की गई है। मक्की खरीद के पहले दिन जिला ऊना के 16 किसानों से लगभग 80 क्विंटल मक्की की खरीद की गई। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मक्की विक्रेताओं को उनकी फसल की रसीदें उपलब्ध करवाई गई हैं तथा भुगतान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है और किसानों को इसके लाभों के प्रति जागरूक कर रही है। यह खेती न केवल पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है, बल्कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहती है। साथ ही इस विधि में लागत लगभग शून्य होने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। आत्मा परियोजना ऊना की निदेशक प्यारो देवी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की के लिए 40 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, साथ ही 2 रुपये प्रति किलोग्राम भाड़ा भी दिया जा रहा है। इच्छुक किसान अपनी मक्की को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके एक सप्ताह के भीतर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रामपुर और टकारला स्थित गोदामों में विक्रय कर सकते हैं। ऊना के सासन गांव के प्रगतिशील किसान ओंकार ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की यह पहल किसानों के लिए एक सकारात्मक कदम है। वहीं, बीनेवाल के गुरदीप सिंह, बरनोह के दौलत राम और हरोली की पूनम ने बताया कि पहले रासायनिक खाद से तैयार मक्की केवल 23 रुपये प्रति किलोग्राम में विक्रय होती थी, जबकि अब प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की 40 रुपये प्रति किलोग्राम (भाड़ा सहित 42 रुपये) में बेची जा रही है। इससे किसानों को अच्छा-खासा मुनाफा प्राप्त हो रहा है।
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