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गंगूवाल एवं कोटला विद्युत यूनिट फिर से चालू
Updated Tue, 05 Dec 2017 06:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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नंगल।
बीबीएमबी चेयरमैन दविंद्र शर्मा के नेतृत्व में मैनेजमेंट ने गंगूवाल विद्युत गृह की यूनिट-2 तथा कोटला विद्युत गृह की यूनिट-3 के क्षतिग्रस्त रनरों को बदलकर को फिर शुरू किया है। इन यूनिटों के लिए नए रनरों का पूर्तिकार तथा डिजाइनर मैसर्स बीएचईएल है। प्रत्येक यूनिट की अधिष्ठापित क्षमता 24.2 मेगावाट है। यह यूनिट क्रमश: 16.9.2013 तथा 2.8.2013 से रनर ब्लेडों के क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद थे।
इन यूनिटों के चालू होने में देरी की वजह बीएचईएल की ओर से उप ठेकेदार को कार्य पर लगाने की कठिनाई बताया जा रहा है। अध्यक्ष, बीबीएमबी ने देरी को सीमित करने के लिए बीएचईएल के शीर्ष प्रबंधन के साथ इन यूनिटों को तत्काल चालू करने के मामले को उठाया। इन यूनिटों के चालू होने से बीबीएमबी के भागीदार राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश तथा यूटी चंडीगढ़ को लगभग 11.60 एलयू प्रतिदिन अतिरिक्त हरित, नवीकरणीय तथा कम लागत की ऊर्जा का लाभ होगा।
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ये विद्युत गृह 1955-56 में चालू किए गए थे। प्रत्येक विद्युत गृह में 3 यूनिट हैं तथा गंगूवाल विद्युत गृह की अधिष्ठापित क्षमता 76.39 मेगावाट तथा कोटला विद्युत गृह की 77.34 मेगावाट है। अत्यधिक पुराने विद्युत गृह होने के कारण, इन विद्युत गृहों के नवीनीकरण, आधुनिकीकरण और उन्नयन का प्रस्ताव केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से अनुमोदित कराया गया था। बीबीएमबी के अध्यक्ष ने इन यूनिटों के सफलापूर्वक चालू करने के लिए बीबीएमबी टीम को बधाई दी।
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