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चपलाह में वर्षा जल संग्रहण डैम का कार्य 60 प्रतिशत पूरा
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कुटलैहड़ विस क्षेत्र के चपलाह में वर्षा जल संग्रहण डैम का निर्माण कार्य इन दिनों में जोरों पर चल ?
- फोटो : Una
ऊना। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चपलाह में वर्षा जल संग्रहण के लिए बांध बनाने का काम लगभग 60 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इस वर्ष मानसून के आगमन से पहले बांध को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे बांध में 10 करोड़ लीटर पानी स्टोर करने की क्षमता होगी। इससे आस-पास के गांवों में किसानों के खेत तर किए जाएंगे। आठ मीटर ऊंचे बांध से 59.90 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाएगी। इससे बुहाणा, ठठूंह, मटियाणा, चपलाह, गारला, घनेटी, कोकरा, नलवाड़ी और डुमखर गांव लाभान्वित होंगे। बांध बनने के बाद यहां पर पंप हाउस, राइजिंग मेन तथा खेत तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप बिछाई जाएंगी। डुमखर और नलवाड़ी गांवों को शिवा प्रोजेक्ट के तहत लाया जा रहा है।
इन गांवों में लगने वाले फलदार पौधों के लिए भी पानी की व्यवस्था चपलाह बांध से की जाएगी। इससे किसानों को अधिक फायदा होगा। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में शिवा प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में 9 स्थान चयनित किए गए हैं। यहां पर उच्च प्रजाति के अनार और अमरूद के पौधे लगाए जाएंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। बरसात के दिनों में बहुत सा व्यर्थ पानी बह जाता है, लेकिन वर्षा जल का संग्रहण कर इससे किसान की पानी की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
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भू-जल स्तर में आएगा सुधार
ग्रामीण विकास और पंचायती राजमंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि बांध बनने से किसानों का फायदा होगा। इससे भू-जल स्तर में भी सुधार आएगा। इससे जहां प्राकृतिक जल स्रोत जैसे कि बावड़ियां और कुएं रिचार्ज होंगे, वहीं क्षेत्र में पहले से चल रही पेयजल योजनाएं के लिए अधिक पानी उपलब्ध होगा। बारिश के पानी को इकटठा कर पूरे क्षेत्र का विकास होगा।
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लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे बांध में 10 करोड़ लीटर पानी स्टोर करने की क्षमता होगी। इससे आस-पास के गांवों में किसानों के खेत तर किए जाएंगे। आठ मीटर ऊंचे बांध से 59.90 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाएगी। इससे बुहाणा, ठठूंह, मटियाणा, चपलाह, गारला, घनेटी, कोकरा, नलवाड़ी और डुमखर गांव लाभान्वित होंगे। बांध बनने के बाद यहां पर पंप हाउस, राइजिंग मेन तथा खेत तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप बिछाई जाएंगी। डुमखर और नलवाड़ी गांवों को शिवा प्रोजेक्ट के तहत लाया जा रहा है।
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इन गांवों में लगने वाले फलदार पौधों के लिए भी पानी की व्यवस्था चपलाह बांध से की जाएगी। इससे किसानों को अधिक फायदा होगा। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में शिवा प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में 9 स्थान चयनित किए गए हैं। यहां पर उच्च प्रजाति के अनार और अमरूद के पौधे लगाए जाएंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। बरसात के दिनों में बहुत सा व्यर्थ पानी बह जाता है, लेकिन वर्षा जल का संग्रहण कर इससे किसान की पानी की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
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भू-जल स्तर में आएगा सुधार
ग्रामीण विकास और पंचायती राजमंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि बांध बनने से किसानों का फायदा होगा। इससे भू-जल स्तर में भी सुधार आएगा। इससे जहां प्राकृतिक जल स्रोत जैसे कि बावड़ियां और कुएं रिचार्ज होंगे, वहीं क्षेत्र में पहले से चल रही पेयजल योजनाएं के लिए अधिक पानी उपलब्ध होगा। बारिश के पानी को इकटठा कर पूरे क्षेत्र का विकास होगा।