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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए ऊना जिले में लगेंगे 381 बेड
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381 beds will be set up in Una district to deal with the third wave of corona
ऊना। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी मक्कमल करने में जुटा है। जिले भर में हाई फ्लो ऑक्सीजन युक्त 381 बेड का प्रावधान किया जा रहा है। इसके अलावा जिला में शिशु रोग विशेषज्ञों की तैनाती के लिए भी स्वास्थ्य विभाग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन अज्ञैर स्वास्थ्य विभाग तैयारी मक्कमल करने में जुटा है। जिले में कोरोना से संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए उन्हें कोविड अस्पतालों में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इन अस्पतालों में कोरोना संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले मेडिकल उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा कोरोना के गंभीर संक्रमित बच्चों को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में उपचार के लिए विशेष वार्ड स्थापित किया जा रहा है। इस वार्ड में 30 बेड स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा होगी। इसके अलावा कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले साधारण लक्षणों के बच्चों को पहले से स्थापित कोविड अस्पतालों में रखा जाएगा। जिले में डीसीएचसी हरोली, पालकवाह, पंडोगा तथा बाथू में ऑक्सीजन युक्त बेड लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त गगरेट अस्पताल, अंब तथा बंगाणा में ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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तैयारी अंतिम चरण में
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए तैयारी चल रही है। जिले में 381 ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था भी की जा रही है। गंभीर कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए क्षेत्रीय अस्पताल में बनने वाला विशेष वार्ड लगभग तैयार हो चुका है।
डॉ. रमन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मामले बढ़े तो निजी अस्पतालों में भी होगा उपचार
जिले में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान अगर मामले अधिक संख्या में आते हैं तो इसके लिए निजी अस्पातालों में भी उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इन निजी अस्पतालों में संक्रमित बच्चों के लिए जरूरी सुविधाएं होने का मापदंड रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए भी प्रावधान कर रहा है।
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन अज्ञैर स्वास्थ्य विभाग तैयारी मक्कमल करने में जुटा है। जिले में कोरोना से संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए उन्हें कोविड अस्पतालों में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इन अस्पतालों में कोरोना संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले मेडिकल उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं।
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इसके अलावा कोरोना के गंभीर संक्रमित बच्चों को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में उपचार के लिए विशेष वार्ड स्थापित किया जा रहा है। इस वार्ड में 30 बेड स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें हाई फ्लो ऑक्सीजन की सुविधा होगी। इसके अलावा कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले साधारण लक्षणों के बच्चों को पहले से स्थापित कोविड अस्पतालों में रखा जाएगा। जिले में डीसीएचसी हरोली, पालकवाह, पंडोगा तथा बाथू में ऑक्सीजन युक्त बेड लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त गगरेट अस्पताल, अंब तथा बंगाणा में ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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तैयारी अंतिम चरण में
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए तैयारी चल रही है। जिले में 381 ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था भी की जा रही है। गंभीर कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए क्षेत्रीय अस्पताल में बनने वाला विशेष वार्ड लगभग तैयार हो चुका है।
डॉ. रमन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मामले बढ़े तो निजी अस्पतालों में भी होगा उपचार
जिले में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान अगर मामले अधिक संख्या में आते हैं तो इसके लिए निजी अस्पातालों में भी उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इन निजी अस्पतालों में संक्रमित बच्चों के लिए जरूरी सुविधाएं होने का मापदंड रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए भी प्रावधान कर रहा है।