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किसी को खुशी तो किसी को गम दे जाएगा नया साल

Sun, 17 Dec 2017 10:23 PM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:23 PM IST
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किसी को खुशी तो किसी को गम दे जाएगा नया साल

एसडी शर्मा

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मैहतपुर (ऊना)।
नौ नवंबर को मतदान करने के बाद चुनाव नतीजों की तारीख पर टकटकी लगाए बैठे मतदाताओं का नतीजों से पहले का रविवार खिली धूप के आनंद के साथ गुजरा। हर कोई सोमवार के दिन का बड़ी बेताबी से इंतजार करते देखा गया। खासतौर पर खिली धूप में गांव की चौपाल पर कोई ताश के पत्तों को फेंटते हुए चुनावी नतीजों पर चर्चा करता नजर आया तो कोई गली-चौराहे पर एक-दूसरे से आने वाले नतीजों को लेकर चर्चा करता दिखा।

लंबे इंतजार के बाद सोमवार को चुनाव परिणाम को लेकर पहले की तरह कोई भाजपा की सत्ता में वापसी को लेकर आश्वस्त नजर आया तो कोई कांग्रेस पार्टी के मिशन रिपीट को लेकर आशावान दिखा। रोजाना की तरह गांवों में सजने वाली चौपाल पर चरचा के दौरान बुजुर्ग मतदाताओं राम किशन, तेलूराम, ओंकारनाथ तथा मंगतराम ने कहा कि 2018 देखते हैं सियासी दल के लिए खुशियां लेकर आता है या गम। इन मतदाताओं की मानें तो कई उम्मीदवारों का सियासी सितारा चुनाव नतीजों से चमकने वाला है और कई उम्मीदवार ऐसे हैं जिनका सियासी कॅरिअर खत्म हो जाएगा।
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चढ़तगढ़ गांव की चौपाल पर बैठे कुछ मतदाताओं कर्म सिंह, निर्मल सिंह, जीतराम, प्रमोद, राकेश, नरेश, प्रेम रायजादा, दीपक ने कहा कि इस दफा विधानसभा चुनाव में कई युवा चेहरों की किस्मत दांव पर है। नोटबंदी, जीएसटी जैसे बड़े फैसलों पर भी हिमाचल और गुजरात के ये चुनाव नतीजे साबित करेंगे कि मोदी सरकार के आर्थिक सुधार जनहित में हैं या नहीं। रायपुर सहोड़ां गांव की चौपाल पर मतदाता राजकुमार, रोशनलाल, रोहित, रामप्रकाश, विजय कुमार समेत कई अन्य वोटरों को रविवार को दिन भर की चुनावी चर्चा में कहते सुना गया कि मीडिया में चुनाव एग्जिट पोल पूरी तरह से सटीक नहीं होते।
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एक पूर्वानुमान होते हैं, लिहाजा इन मतदाताओं ने सोमवार को बड़े उलटफेर की आशंका जताई है। नगर परिषद क्षेत्र मैहतपुर-बसदेहड़ा में दुकानों, चौराहों तथा गली मोहल्ले में लोगों को चुनाव नतीजों को लेकर चर्चा करते सुना गया कि वर्तमान में जागरूक वोटरों का अनुमान लगाना कठिन है कि वह किस ओर गया है। लिहाजा 39 दिनों के लंबे इंतजार के बाद ऊंट किस करवट बैठता है, इसे लेकर रविवार को हर कोई चर्चा करते और क्लास लगाते देखे गए।

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