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रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र का विद्युत कनेक्शन काटा

Fri, 25 Aug 2017 10:15 PM IST
Updated Fri, 25 Aug 2017 10:15 PM IST
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रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र का विद्युत कनेक्शन काटा
मैहतपुर (ऊना)। बाल विकास परियोजना विभाग के तहत चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र रायपुर सहोड़ां बाडे का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। इससे यहां पढ़ने वाले शिशु अब बिना पंखे के ही पढ़ने को मजबूर हो गए हैं। इससे पहले भी क्षेत्र के कई अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों के विद्युत कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जिनमें आज तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों की विद्युत सप्लाई काटी गई है, उनकी तरफ से विद्युत परिषद का बिजली बिलों की एवज में हजारों का बकाया खड़ा है। बिलों का भुगतान न होने के चलते ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों के विद्युत कनेक्शन काटे जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कई आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं, जिनके बिलों का भुगतान पिछले एक दशक से किया ही नहीं गया है। हजारों रुपये चुकता कौन करेगा, यह बड़ा सवाल भी है। जिन पंचायतों में यह आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं, उनके बिजली बिलों का भुगतान करने से ग्राम पंचायतें कन्नी काट रही हैं, ऐसे में सवाल यह कि क्या इन आंगनबाड़ी केंद्रों के शिशु बिना पंखों के उमस भरी गर्मी में ही पढ़ेंगे? जिला के सरहदी क्षेत्र मैहतपुर के ऐसे कई आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जो पंचायतों भवनों में चल रहे हैं। ग्राम पंचायत चड़तगढ़ के वार्ड 7 के आंगनबाड़ी केंद्र का करीब 13 हजार का बिल बकाया है, बनगढ़ पंचायत के एक आंगनबाड़ी केंद्र का 20 हजार, दियाला मोहल्ले के आंगनबाड़ी केंद्र का करीब 25 हजार तथा इसी पंचायत के फत्तेवाल के एक केंद्र का 3658 रुपये के बिल का भुगतान नहीं हुआ है। उधर, विद्युत उपमंडल मैहतपुर के एसडीओ अशोक धीमान ने कहा कि बिलों का भुगतान न होने के चलते विद्युत कनेक्शन काटे गए हैं।
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रायपुर सहोड़ां बाडे की पंचायत सदस्य श्रेष्ठा शर्मा ने पंकज सहोड़ को एक पत्र देकर मांग उठाई है कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के विद्युत कनेक्शन काटे गए हैं, उनमें जल्द बिजली सप्लाई को बहाल करवाया जाना चाहिए। पंकज सहोड़ ने कहा कि मामले को पहले भी उठाया गया है, दोबारा इस समस्या को विभाग के समक्ष रखेंगे।
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उधर, बाल विकास परियोजना अधिकारी हरीश कुमार ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सामाजिक सहभागिता से चल रहे हैं, जिसमें आम जनता एवं स्थानीय पंचायतों का काफी सहयोग रहता है। ऐसे केंद्रों में बिजली सप्लाई का बंदोबस्त भी स्थानीय स्तर पर ही किया जाता है।
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