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ब्रह्मपुर के शशांक बने नेवी में लेफ्टिनेंट
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दौलतपुर चौक (ऊना)। क्षेत्र के गांव ब्रह्मपुर के शशांक शर्मा ने भारतीय नौ सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शशांक की माता दीपिका शर्मा गृहणी हैं और पिता राजेश शर्मा आईएफसीआई दिल्ली में बैंक मैनेजर हैं।
1995 को जन्मे शशांक शर्मा ने दसवीं तक की पढ़ाई 2012 में आइशर पब्लिक स्कूल नई दिल्ली से की। 2014 में नॉन मेडिकल में बारहवीं उतीर्ण की। इसी वर्ष (2014) में यूपीएससी की परीक्षा दी। इसे पास करने पर शशांक का चयन इंडियन नेवल अकेडमी केरल के लिए हुआ। यहां उसने मैकेनिकल में बीटेक की डिग्री की और लेफ्टिनेंट बनकर पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेकर गौरवांवित किया। अब उसका चयन लेफ्टिनेंट के रूप में नेवी की एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग विंग में हुआ है। शशांक ने सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ-साथ दादा बालक राम और नाना स्व. किशोरी लाल शर्मा दौलतपुर चौक को दिया है।
उन्होंने बताया कि वो आगे चलकर अच्छा ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं। शशांक ने बताया कि उनके प्रेरणा के स्रोत पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कलाम आजाद हैं। वे हिमाचल के ग्रामीण युवाओं को मौका मिलने पर निशुल्क मार्गदर्शन करना चाहते हैं।
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1995 को जन्मे शशांक शर्मा ने दसवीं तक की पढ़ाई 2012 में आइशर पब्लिक स्कूल नई दिल्ली से की। 2014 में नॉन मेडिकल में बारहवीं उतीर्ण की। इसी वर्ष (2014) में यूपीएससी की परीक्षा दी। इसे पास करने पर शशांक का चयन इंडियन नेवल अकेडमी केरल के लिए हुआ। यहां उसने मैकेनिकल में बीटेक की डिग्री की और लेफ्टिनेंट बनकर पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेकर गौरवांवित किया। अब उसका चयन लेफ्टिनेंट के रूप में नेवी की एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग विंग में हुआ है। शशांक ने सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ-साथ दादा बालक राम और नाना स्व. किशोरी लाल शर्मा दौलतपुर चौक को दिया है।
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उन्होंने बताया कि वो आगे चलकर अच्छा ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं। शशांक ने बताया कि उनके प्रेरणा के स्रोत पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कलाम आजाद हैं। वे हिमाचल के ग्रामीण युवाओं को मौका मिलने पर निशुल्क मार्गदर्शन करना चाहते हैं।
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