{"_id":"5c4751d2bdec2273651488c5","slug":"131548177874-una-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"208 में से 191 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपने भवन नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
208 में से 191 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपने भवन नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लठियाणी(ऊना)। उपमंडल बंगाणा में सैकड़ों आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपने भवन नहीं हैं। प्रदेश सरकार ने भी ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अपने भवन बनवाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए हैं। उपमंडल बंगाणा के सीडीपीओ कार्यालय के तहत लगभग 40 पंचायतें आती हैं, जिनमें 205 आंगनबाड़ी केंद्र व 3 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। ऐसे में मात्र 17 के पास ही अपने निजी भवन हैं। अन्य आंगनबाड़ी केन्द्रों के पास अपने भवन नहीं हैं। शेष बचे आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र में सरकारी स्कूलों, पंचायत घरों व निजी घरों में चलाए जा रहे हैं। क्षेत्र की हर पंचायत में चार-पांच आंगनबाड़ी केंद्र हैं। ग्रामीणों में संसार चंद, प्रमोद सिंह, राजेश कुमार, कंचन बाला, अनिता कौशल, अमित ठाकुर, कुशल सिंह, राज कुमार, उषा देवी, प्रोमिला शर्मा, रमना कुमारी के अलावा अन्य कई लोगों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अपने भवन बनाए जाएं। जिससे उनके बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सके।
वहीं, सीडीपीओ बंगाणा हरीश मिश्रा ने कहा कि ऐसे काफी आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जिनके लिए अभी तक भवन नहीं बन पाए हैं। स्थानीय पंचायतों को भी आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए जमीन चयन बारे कई बार कह चुके हैं। पंचायतों में आगंनबाड़ी केंद्रों को बनाने के लिए जमीन न मिलने के कारण भवनों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
वहीं, सीडीपीओ बंगाणा हरीश मिश्रा ने कहा कि ऐसे काफी आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जिनके लिए अभी तक भवन नहीं बन पाए हैं। स्थानीय पंचायतों को भी आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए जमीन चयन बारे कई बार कह चुके हैं। पंचायतों में आगंनबाड़ी केंद्रों को बनाने के लिए जमीन न मिलने के कारण भवनों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन