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भड़की सीटू यूनियन
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नंगल।
सीटू से जुड़े भारत निर्माण मिस्त्री यूनियन ने वीरवार को अपनी मांगों को लेकर रोष मार्च निकालने के दौरान प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। इस अवसर पर यूनियन के पदाधिकारियों ने तहसीलदार डीपी पांडे को एक मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर संगठन के जिला अध्यक्ष तरसेम, रघुवीर सिंह दर्शी, सुरजीत सिंह ढ़ेर, विनोद भट्टी, सुखदेव सिंह डिगवा, परमिंद्र कौर, ज्योति, वीना, जगतार, विजय शर्मा और सर्वजीत ने उपस्थित जन समूह को संबोधित कर कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्राइमरी स्कूलों में नर्सरी खोल कर प्रदेश की 64 हजार महिलाओं को बेरोजगार करने पर तुली हुई है।
उन्होंने कहा कि यूनियन प्रदेश सरकार के बंद किए जा रहे 800 प्राइमरी स्कूलों के निर्णय और प्रदेश सरकार के बिजली दरों में वृद्धि के फैसले का विरोध करती है। यूनियन ने प्रदेश सरकार से निर्माण मजदूर के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की शर्तों को आसान करने, बेघर मजदूरों को मकान बनाने के लिए पांच-पांच रुपये की ग्रांट देने, बेटियों की शादी के लिए शगुन स्कीम बढ़ाकर 51 हजार करने, निर्माण मजदूरों के छटी कक्षा से लेकर जमा दो तक के बच्चों को नि:शुल्क साइकिल मुहैया करवाने, कार्य के दौरान मौत होने पर मजदूर के परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा देने और 60 वर्ष के बाद निर्माण मजदूर को प्रति माह पांच हजार रुपये पेंशन देने की मांग की है।
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नंगल।
सीटू से जुड़े भारत निर्माण मिस्त्री यूनियन ने वीरवार को अपनी मांगों को लेकर रोष मार्च निकालने के दौरान प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। इस अवसर पर यूनियन के पदाधिकारियों ने तहसीलदार डीपी पांडे को एक मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर संगठन के जिला अध्यक्ष तरसेम, रघुवीर सिंह दर्शी, सुरजीत सिंह ढ़ेर, विनोद भट्टी, सुखदेव सिंह डिगवा, परमिंद्र कौर, ज्योति, वीना, जगतार, विजय शर्मा और सर्वजीत ने उपस्थित जन समूह को संबोधित कर कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्राइमरी स्कूलों में नर्सरी खोल कर प्रदेश की 64 हजार महिलाओं को बेरोजगार करने पर तुली हुई है।
उन्होंने कहा कि यूनियन प्रदेश सरकार के बंद किए जा रहे 800 प्राइमरी स्कूलों के निर्णय और प्रदेश सरकार के बिजली दरों में वृद्धि के फैसले का विरोध करती है। यूनियन ने प्रदेश सरकार से निर्माण मजदूर के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की शर्तों को आसान करने, बेघर मजदूरों को मकान बनाने के लिए पांच-पांच रुपये की ग्रांट देने, बेटियों की शादी के लिए शगुन स्कीम बढ़ाकर 51 हजार करने, निर्माण मजदूरों के छटी कक्षा से लेकर जमा दो तक के बच्चों को नि:शुल्क साइकिल मुहैया करवाने, कार्य के दौरान मौत होने पर मजदूर के परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा देने और 60 वर्ष के बाद निर्माण मजदूर को प्रति माह पांच हजार रुपये पेंशन देने की मांग की है।
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