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संतोषगढ़ नप के टेंडरों में गड़बड़झाले की आशंका

Sat, 19 Jan 2019 10:38 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jan 2019 10:38 PM IST
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संतोषगढ़ नप के टेंडरों में गड़बड़झाले की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
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संतोषगढ़ (ऊना)। नप संतोषगढ़ के भाजपा पार्षदों ने नप अध्यक्ष समेत कांग्रेस पार्षदों पर टेंडर प्रक्रिया में अधिक दाम भरने का आरोप लगाया है। भाजपा के पार्षदों में भजन सिंह मान, निर्मला देवी, अंजना चब्बा सहित वार्ड एक की पार्षद वीना देवी, मनोनीत पार्षद दीपक वासुदेवा, लक्ष्मण सैनी, सुदर्शन पुरी और सोम नाथ सैनी ने संयुक्त बयान में कहा कि नप अध्यक्ष और कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने नवंबर में किए कम दरों पर किए टेंडर का रद्द करने व रद्द टेंडर को फिर शुरू करने का आरोप लगाया है। कम दरों पर किए टेंडर में नगर परिषद के कार्यकारी निवास व शहर की मरम्मत के लिए के करीब 1.5 लाख के दो टेंडर किए गए थे। इसके आलवा जनवरी में किए नप के टेंडर में लोनिवि की अनुसूची के रेट से 30 से 40 प्रतिशत अधिक रेट भरने के आरोप है।

गौरतलब है कि 20 लाख के टेंडर में संतोषगढ़ नगर के नौ वार्डों में गलियों और नाले बनाए जाने थे। भाजपा पार्षदों ने कहा कि कांग्रेस के पार्षद नगर के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। 14 नवंबर को खोले टेंडर में लोक निर्माण विभाग की अनुसूची के रेट से लगभग 17 से 18 प्रतिशत कम रेट भरे थे। इन टेंडरों में ठेकेदार द्वारा रेट भरने में कुछ गलतियां थीं और उसकी सिक्योरिटी जमा करवा कर ठेकेदार को काम अलॉट करने का पत्र नगर परिषद द्वारा भेजा गया।
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उन्होंने कहा कि ठेकेदार भी हर शर्त को मानते हुए काम करने को तैयार थे, लेकिन नप अध्यक्ष ने नोटिंग डालकर टेंडर को रद्द करने के लिए कहा। भाजपा ने कहा कि तीन माह बाद जिस टेंडर को पहले प्रधान रद्द करने के लिए लिख कर रही थी, उसे 18 जनवरी की बैठक में फिर से अलॉट करने के लिए प्रस्ताव डाला गया है। भाजपा पार्षदों ने कहा कि वो नगर परिषद के पैसे को फिजूलखर्च नहीं होने देंगे। अगर नगर परिषद के विकास तथा जनहित के कार्यों को बिना वजह से लटकाया तो इसके विरोध स्वरूप वो प्रदेश सरकार और शहरी विकास विभाग के निदेशक को लिखित शिकायत करेंगे।
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इस बारे में नप के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि टेंडरों में ठेकेदारों द्वारा भरे रेट को कम करने के लिए ठेकेदारों के साथ नेगोसिएशन की गई है। उन्होंने कहा कि 18 अक्तूबर 2018 वाले टेंडर को अब 18 जनवरी की बैठक में अलॉट करने का प्रस्ताव है।


इस बारे में नप अध्यक्ष अमरावती ने भाजपा पार्षदों द्वारा लगाए सभी आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि नप के टेंडर नियमानुसार ही लगाए जा रहे हैं। उन्हें सर्वसम्मति से प्रस्ताव डालकर पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षद विकास कार्यों में अड़ंगा लगा रहे हैं।
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