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जीएसटी में बार-बार बदलाव से व्यापारी परेशान
Updated Mon, 22 Oct 2018 10:21 PM IST
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GST, Tax
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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना। जीएसटी कानून में बार-बार बदलाव और विसंगतियाें से व्यापारी परेशान है। हिमाचल व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सोमेश शर्मा और महामंत्री राकेश कैलाश ने कहा कि 2018 को समाप्त हुए वर्ष का अभी तक हिसाब पूरा नहीं हो पाया है। मार्च 2018 को समाप्त हुए वर्ष की रिकांसिलेशन अभी तक पेंडिंग है। जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कब होगा, कब आयकर के रिटर्न फाइल होंगे, यह समझ के बाहर है।
उन्होंने कहा कि इसी बीच बैंक प्रबंधक लिमिट रिन्यू के लिए परेशान कर रहे हैं। 6 महीने हो गए छमाही क्लोजिंग का बोझ फिर आ गया। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का समय अलग से व्यापारियों के सिर पर है। सोमेश ने कहा कि चालू वर्ष के 7 महीने पूरे होने जा रहे हैं। लेकिन सरकार क्या व्यापारियों को उलझा कर रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों को आसान बनाने की जरूरत है। इनकम टैक्स विभाग के पुराने सालों के एसेसमेंट के नोटिस आने शुरू हो गए हैं। उनके लिए भी कागज बनाकर उन्हें संतुष्ट करना है। उन्होंने कहा कि आज व्यापारी बुरी तरह से परेशान है। कोई भी काम सही ढंग से नहीं कर पा रहा है। ऊपर से दिवाली का सीजन सामने हैं। अभी जो व्यापार करेगा उसी के भरोसे उसको आने वाला पूरा साल चलाना है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था हमारा व्यापारी चलाता है और अगर व्यापारियों का यही हाल रहा तो भविष्य बहुत बुरा है।
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