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दिव्यांगो की समस्याओं पर मंथन
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:11 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
अखिल भारतीय हैंडिकैप सर्विस सोसायटी शाखा ऊना ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है। हैंडिकैप सर्विस सोसायटी ने जिलाधीश ऊना के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र भेजा। सोसायटी की सरोज रानी ने प्रदेश सरकार से मांग कर कहा कि दिव्यांग बस पास को राज्य से बाहर भी मान्य किया जाए और दिव्यांग कर्मचारी जो 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग है, उनके साथ भी एक सहायक को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाए।
इसके साथ निजी बसों में भी दिव्यांग बस पास को मान्य किया जाए। उन्होंने सरकार से दिव्यांगों के विभिन्न विभागों में रिक्त सभी पदों को शीघ्र भरा जाए। स्थायी दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के चिकित्सा प्रमाण पत्र और पास को आजीवन वैध किया जाए। उन्होंने कहा कि बेरोजगार दिव्यांगों को बीपीएल की श्रेणी में लाया जाए और उन्हें कम से कम 5000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
दिव्यांग सरकारी कर्मचारी को पदोन्नति में छूट प्रदान की जाए। तीन दिसंबर विश्व दिव्यांग दिवस को दिव्यांग सरकारी कर्मचारी को अवकाश घोषित किया जाए। भूमिहीन दिव्यांगों को जमीन दी जाए। दिव्यांगों के लिए ऋण बिना ब्याज पर दिया जाए। दिव्यांगों को उनकी योग्यतानुसार सीधी नौकरी दी जाए।
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ऊना।
अखिल भारतीय हैंडिकैप सर्विस सोसायटी शाखा ऊना ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है। हैंडिकैप सर्विस सोसायटी ने जिलाधीश ऊना के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र भेजा। सोसायटी की सरोज रानी ने प्रदेश सरकार से मांग कर कहा कि दिव्यांग बस पास को राज्य से बाहर भी मान्य किया जाए और दिव्यांग कर्मचारी जो 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग है, उनके साथ भी एक सहायक को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाए।
इसके साथ निजी बसों में भी दिव्यांग बस पास को मान्य किया जाए। उन्होंने सरकार से दिव्यांगों के विभिन्न विभागों में रिक्त सभी पदों को शीघ्र भरा जाए। स्थायी दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के चिकित्सा प्रमाण पत्र और पास को आजीवन वैध किया जाए। उन्होंने कहा कि बेरोजगार दिव्यांगों को बीपीएल की श्रेणी में लाया जाए और उन्हें कम से कम 5000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
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दिव्यांग सरकारी कर्मचारी को पदोन्नति में छूट प्रदान की जाए। तीन दिसंबर विश्व दिव्यांग दिवस को दिव्यांग सरकारी कर्मचारी को अवकाश घोषित किया जाए। भूमिहीन दिव्यांगों को जमीन दी जाए। दिव्यांगों के लिए ऋण बिना ब्याज पर दिया जाए। दिव्यांगों को उनकी योग्यतानुसार सीधी नौकरी दी जाए।
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