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जिले में पहुंची 12-32-16 खाद की 16000 बोरी
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ऊना। जिले में 12-32-16 खाद को लेकर किसानों का इंतजार खत्म हो गया। जिले में खाद की 16,000 बोरियां पहुंच चुकी है और बड़ी संख्या में किसान इफको के गोदामों में पहुंच रहे हैं। गोदामों में पहुंची खाद की खेप गेहूं की बिजाई के लिए काफी मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार जिले के अधिकतर क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई के लिए किसान तैयारी पूरी कर चुके हैं। खाद की कमी के कारण किसानों ने बिजाई प्रक्रिया शुरू नहीं की। हालांकि शुक्रवार को खाद की खेप जिले में पहुंच गई। खाद आने की सूचना मिलते ही किसानों ने जरूरत के हिसाब से खाद की खरीद की। ध्यान रहे कि जिले में इस समय 20,000 हेक्टेयर भूमि पर आलू की बिजाई की गई है। अभी आलू की पटाई शुरू नहीं हुई है। ऐसे में आलू उगाने वाले किसानों में गेहूं की बिजाई को लेकर जल्दबाजी नहीं है। लेकिन जिन क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था है और आलू या कोई अन्य सब्जी नहीं उगाई गई, वहां गेहूं की बिजाई शुरू हो चुकी है।
किसान हरबंस लाल, सूरम सिंह, कर्म चंद, चरण दास ने बताया कि गेहूं की बिजाई के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल हैं। हालांकि उन्हें खाद और बारिश का इंतजार था। अब खाद पहुंच चुकी है और सिंचाई व्यवस्था वाले खेतों की बिजाई शुरू कर दी गई है। ध्यान रहे कि जिले में 30,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गेहूं की खेती होती है। लेकिन 70 प्रतिशत क्षेत्र में खेती बारिश पर आधारित होती है। बीते दिनों करीब एक सप्ताह तक मौसम खराब रहा लेकिन बारिश नहीं हुई। इससे गैर सिंचित क्षेत्रों के किसानों में निराशा है। वहां फसल की बिजाई 20 नवंबर के बाद संभावित है।
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मौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया कि आने वाले कुछ दिन क्षेत्र में मौसम साफ रहेगा। वहीं उपनिदेशक जिला कृषि विभाग कुलभूषण धीमान ने बताया कि सर्दी के आते ही गेहूं की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल हो जाता है। ऊना में बड़ी मात्रा में गेहूं का उत्पादन होता है। किसानों को विभाग की ओर से सस्ते दाम पर बीज मुहैया करवाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य किसी भी प्रकार की सहायता के लिए किसान कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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जानकारी के अनुसार जिले के अधिकतर क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई के लिए किसान तैयारी पूरी कर चुके हैं। खाद की कमी के कारण किसानों ने बिजाई प्रक्रिया शुरू नहीं की। हालांकि शुक्रवार को खाद की खेप जिले में पहुंच गई। खाद आने की सूचना मिलते ही किसानों ने जरूरत के हिसाब से खाद की खरीद की। ध्यान रहे कि जिले में इस समय 20,000 हेक्टेयर भूमि पर आलू की बिजाई की गई है। अभी आलू की पटाई शुरू नहीं हुई है। ऐसे में आलू उगाने वाले किसानों में गेहूं की बिजाई को लेकर जल्दबाजी नहीं है। लेकिन जिन क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था है और आलू या कोई अन्य सब्जी नहीं उगाई गई, वहां गेहूं की बिजाई शुरू हो चुकी है।
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किसान हरबंस लाल, सूरम सिंह, कर्म चंद, चरण दास ने बताया कि गेहूं की बिजाई के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल हैं। हालांकि उन्हें खाद और बारिश का इंतजार था। अब खाद पहुंच चुकी है और सिंचाई व्यवस्था वाले खेतों की बिजाई शुरू कर दी गई है। ध्यान रहे कि जिले में 30,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गेहूं की खेती होती है। लेकिन 70 प्रतिशत क्षेत्र में खेती बारिश पर आधारित होती है। बीते दिनों करीब एक सप्ताह तक मौसम खराब रहा लेकिन बारिश नहीं हुई। इससे गैर सिंचित क्षेत्रों के किसानों में निराशा है। वहां फसल की बिजाई 20 नवंबर के बाद संभावित है।
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मौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया कि आने वाले कुछ दिन क्षेत्र में मौसम साफ रहेगा। वहीं उपनिदेशक जिला कृषि विभाग कुलभूषण धीमान ने बताया कि सर्दी के आते ही गेहूं की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल हो जाता है। ऊना में बड़ी मात्रा में गेहूं का उत्पादन होता है। किसानों को विभाग की ओर से सस्ते दाम पर बीज मुहैया करवाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य किसी भी प्रकार की सहायता के लिए किसान कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।