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कामगारों ने फूंका प्रबंधक वर्ग का पुतला
Updated Sun, 04 Feb 2018 10:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
टाहलीवाल(ऊना)।
औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल के निजी उद्योग में कामगारों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। रविवार कामगारों ने रोष रैली निकाल मुख्य चौक पर प्रबंधक वर्ग का पुतला फूंका। वहीं उद्योग के खिलाफ नारेबाजी कर अपना गुबार निकाला। क्षेत्र के उद्योग में कार्यरत मोहित, प्रदीप, हैप्पी, सौरभ, हनी, नरेंद्र, हिम्मत, वीरेंद्र, कश्मीर, जतिंद्र, कुलविंद्र, विवेक, रविदत्त, राम कुमार, पंकज, अरुण, अजय, दीपक और सुनील ने कहा कि कुछ कामगारों को दो महीने पहले यह कहकर काम से निकाल दिया था कि कुछ दिनों बाद काम पर वापस रख लिया जाएगा।
अब दो महीने के बाद भी कामगारों को नौकरी पर नहीं रखा गया है। इसके चलते रविवार को सैकड़ों कामगारों ने कंपनी की मनमानी के खिलाफ नारेबाजी कर उद्योग से लेकर मुख्य बाजार में रैली निकालते हुए प्रबंधक वर्ग का पुतला जलाया। गुस्साए कामगारों ने कहा कि कंपनी से दो महीने पहले निकाले कामगारों को बहाल किया जाए। वहीं उन्हें दो माह का वेतन देने के साथ-साथ श्रम नियमानुसार पूरे माह ठेकेदार के कामगारों को काम दिया जाए। कामगारों को उनके कार्यकाल के हिसाब से वेतन 15 हजार किया जाए।
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टाहलीवाल(ऊना)।
औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल के निजी उद्योग में कामगारों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। रविवार कामगारों ने रोष रैली निकाल मुख्य चौक पर प्रबंधक वर्ग का पुतला फूंका। वहीं उद्योग के खिलाफ नारेबाजी कर अपना गुबार निकाला। क्षेत्र के उद्योग में कार्यरत मोहित, प्रदीप, हैप्पी, सौरभ, हनी, नरेंद्र, हिम्मत, वीरेंद्र, कश्मीर, जतिंद्र, कुलविंद्र, विवेक, रविदत्त, राम कुमार, पंकज, अरुण, अजय, दीपक और सुनील ने कहा कि कुछ कामगारों को दो महीने पहले यह कहकर काम से निकाल दिया था कि कुछ दिनों बाद काम पर वापस रख लिया जाएगा।
अब दो महीने के बाद भी कामगारों को नौकरी पर नहीं रखा गया है। इसके चलते रविवार को सैकड़ों कामगारों ने कंपनी की मनमानी के खिलाफ नारेबाजी कर उद्योग से लेकर मुख्य बाजार में रैली निकालते हुए प्रबंधक वर्ग का पुतला जलाया। गुस्साए कामगारों ने कहा कि कंपनी से दो महीने पहले निकाले कामगारों को बहाल किया जाए। वहीं उन्हें दो माह का वेतन देने के साथ-साथ श्रम नियमानुसार पूरे माह ठेकेदार के कामगारों को काम दिया जाए। कामगारों को उनके कार्यकाल के हिसाब से वेतन 15 हजार किया जाए।
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