UGC NET Result 2024: यूजीसी नेट परिणाम नहीं आया, 28 विभागों में अटकी PhD की प्रवेश प्रक्रिया, HPU ने बढ़ाई डेट
यूजीसी नेट परिणाम घोषित न होने से एचपीयू में पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया अटक गई है। वहीं, एचपीयू ने पीएचडी में सीधे प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि फिर से बढ़ा दी है। अब आवेदन जमा करने की आखिरी तिथि 14 अक्तूबर तय की गई है। इससे पहले विवि दो बार तिथि बढ़ा चुका है।
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यूजीसी नेट (जेआरएफ) और सीएसआईआर (जेआरएफ) और पीजी कोर्स के अंतिम सेमेस्टर के परिणाम घोषित न होने से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया अटक गई है। एचपीयू के 28 विभागों की करीब 126 सीटें भरी जानी हैं। राष्ट्रीय स्तर की फैलोशिप और छात्रवृत्ति परीक्षाएं पास करने वाले विद्यार्थियों को ही पीएचडी में सीधे प्रवेश मिलता है और वही इसके लिए पात्र होते हैं। उधर, एचपीयू ने पीएचडी में सीधे प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि फिर से बढ़ा दी है। अब आवेदन जमा करने की आखिरी तिथि 14 अक्तूबर तय की गई है। इससे पहले विवि दो बार तिथि बढ़ा चुका है।
बता दें कि यूजीसी नेट (जेआरएफ) और सीएसआईआर (जेआरएफ) के परिणाम अमूमन सितंबर में घोषित हो जाते थे लेकिन इस बार अब तक घोषित नहीं हुए हैं। वहीं, पीजी डिग्री कोर्स के अंतिम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम अभी तक न आया है। नेट और सीएसआईआर के नतीजे आने पर पीजी के पिछले नतीजों के बाद ही विवि पीएचडी प्रवेश के लिए मेरिट बना सकेगा। ये दोनों परिणाम मेरिट तैयार करने के लिए आवश्यक होते हैं। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि छात्रों की मांग पर पीएचडी में सीधे प्रवेश के लिए बार-बार आवेदन की तिथि को बढ़ाई जा रही है। विवि के विभिन्न विभागों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं ने नेट-2024 और सीएसआईआर की परीक्षा दी है। छात्र आश्वस्त हैं कि वह परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
28 विभागों की 126 सीटों के लिए आमंत्रित किए गए हैं आवेदन
हिमाचल प्रदेश विवि ने छह सितंबर को 28 विभागों की 126 पीएचडी सीटों पर सीधे प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसमें विधि विभाग में सबसे अधिक 22, मैनेजमेंट में 10, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में आठ-आठ सीटें हैं। बाकी विभागों में सीटों की संख्या कम है।