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ढाई करोड़ की रिश्वत मामला: ईडी के सहायक निदेशक के भाइयों ने मांगी जमानत, सीबीआई को नोटिस; जानें पूरा मामला
Sun, 05 Jan 2025 11:15 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 05 Jan 2025 11:15 AM IST
सार
शिमला ईडी के सहायक निदेशक के गिरफ्तार भाइयों ने जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की है। वहीं, अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों के संचालकों से ढाई करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मांगने के मामले में फरार शिमला ईडी के सहायक निदेशक के गिरफ्तार भाइयों ने जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की है। शनिवार को अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। सीबीआई अब आरोपियों की जमानत याचिका डिसमिस करवाने के लिए जवाब दाखिल करेगी।
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शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशाल दीप ने कुछ शिक्षण संस्थानों के संचालकों से धन शोधन के मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी थी। इस मामले में दो अलग-अलग लोगों की ओर से संचालकों को फोन कर पैसे लेकर बुलाया गया था। सीबीआई ने 22 दिसंबर को फोन कर रिश्वत मांगने वाले रहीम और मुन्नवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था और 24 दिसंबर को शिमला स्थित ईडी कार्यालय में छापा मारा था। हालांकि, आरोपी सहायक विशाल दीप फरार हो चुका था। सीबीआई ने उसके भाई विकासदीप को जींद स्थित एक होटल से सुबह सात बजे गिरफ्तार कर लिया था। जांच टीम ने उससे 54 लाख रुपये बरामद किए थे। इसके बाद विकासदीप की निशानदेही पर उसकी बुआ के लड़के नीरज को भिवानी से गिरफ्तार किया था। इन दोनों को जेल भेजा जा चुका है।
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विकासदीप और नीरज ने अदालत में दायर याचिका में तर्क दिया कि सीबीआई की ओर से भ्रष्टाचार एक्ट के तहत दर्ज दोनों एफआईआर में उनका नाम नहीं है। उनके पास से कोई रिकवरी भी नहीं हुई। अदालत ने सीबीआई से 8 जनवरी को इस याचिका पर जवाब मांगा है।
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