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Martyr Pawan Kumar Last Rites: बलिदानी पवन को पिता-पत्नी का सैल्यूट, लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
Sun, 11 May 2025 06:12 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 11 May 2025 06:12 PM IST
सार
Kangra Army Jawan Martyred: जिला कांगड़ा के शाहपुर उपमंडल के जवान सूबेदार मेजर पवन कुमार जरियाल बलिदान हो गए। रविवार को उनकी पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंची। वहीं, उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
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पैतृक गांव पहुंची बलिदानी सूबेदार मेजर पवन कुमार जरियाल की पार्थिव देह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
जम्मू के पुंछ में पाकिस्तान की गोलीबारी में बलिदान हुए सूबेदार मेजर पवन कुमार रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। बलिदानी की पत्नी ने पारंपरिक वेशभूषा में पति को सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी। बेटे अभिषेक ने मुखाग्नि दी। दो माह बाद ही पवन रिटायर होने वाले थे।
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इससे पहले बलिदानी की पार्थिव देह रविवार दोपहर बाद करीब दो बजे शाहपुर के सिहोलपुरी आवास पर पहुंची। बरदाईं स्थित श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान सेना की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए सलामी दी गई। इसके बाद सेना के जवानों ने थ्री राउंड फायर कर अपने साथी को अलविदा कहा। इस दौरान सरकार की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में हजारों लोग मौजूद रहे। लोगों में पाकिस्तान के प्रति रोष और भारतीय सेना के प्रति सम्मान स्पष्ट झलक रहा था। पिता की आंखों में दुख नहीं, बल्कि गर्व झलक रहा था। बताया जा रहा बताया जा रहा है कि शनिवार को पुंछ में सेना का दल सीमावर्ती क्षेत्र में पेट्रोलिंग पर था। इस दौरान पाकिस्तान पाकिस्तान की ओर से दागे गए तोप के गोले के छर्रे सूबेदार मेजर पवन के पेट में लगे थे। इससे वह बुरी तरह से घायल हो गए थे और उनका काफी खून बह गया था, जिसके चलते उनकी शहादत हुई।
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शहादत को किया नमन...
अंतिम यात्रा में हजारों लोगों ने नारे लगाते हुए शहादत को नमन किया। बलिदानी अपने पीछे पिता पूर्व सैनिक गरजो सिंह, माता किस्सो देवी, पत्नी सुषमा देवी, पुत्र अभिषेक कुमार और बेटी अनामिका को छोड़ गए हैं। बेटा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है, जबकि बेटी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। अंतिम यात्रा में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, डीसी हेमराज बैरवा, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, पूर्व मंत्री सरवीण चौधरी, पूर्व विधायक अरुण कुमार, भाजपा महामंत्री त्रिलोक कपूर सहित अन्य नेताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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इस दौरान पिता के सब्र का बांध भी आखिर में टूट पड़ा। जैसे ही बलिदानी की पार्थिव देह को आंगन में रखा तो बलिदानी सूबेदार मेजर पवन कुमार की पत्नी सुषमा देवी और बेटी अनामिका बिलखने लगी। इस दौरान पिता ने जो दो दिन से सब्र का बांध बांधा था, वह भी आखिर में टूट पड़ा। बेटी और पत्नी को बिलखते देख वह भी रोने लग पड़े। बेटे की शहादत के बाद अभी तक उनकी आंखों से एक आंसू तक नहीं निकला था लेकिन अंत में वह भी रोने लगे। इस दौरान सबसे बड़ी बात ये रही कि कुछ देर के लिए हल्की बूंदाबांदी भी हुई। यह देख कर ऐसा लग रहा था कि मानों देश के लाल के बलिदान पर आसमान भी रो रहा हो।
हजारों लोगों ने 39 मील से घर तक निकाली अंतिम यात्रा
पार्थिव देह 39 मील में दो बजे के करीब पहुंची। यहां सिहोलपुरी स्थित उनके घर तक हजारों लोगों ने अंतिम यात्रा में भाग लिया। लोगों ने बलिदानी सूबेदार मेजर पवन कुमार अमर रहे, देखो-देखो कौन आया, शेर आया शेर आया, पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान सेना जिंदाबाद के नारे करीब ढाई घंटे तक गूंजते रहे। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों का जमावड़ा था। लोगों में पाकिस्तान के प्रति रोष वह भारतीय सेवा के प्रति सम्मान स्पष्ट झलक रहा था।
बलिदानी की शव यात्रा में शामिल हुए हजारों लोग
बलिदानी के सम्मान में सेना ने गार्ड ऑफ आनर देते हुए शोक रूप में शस्त्र उल्टे कर शोक सलामी दी। इसके बाद शहीद की शान में तीन चक्र हवाई फायर कर अपने सहकर्मी को अलविदा कहा। बलिदानी की शव यात्रा के दौरान क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए। शव यात्रा के दौरान जहां हर आंख नम थी, वहीं लोगों के चेहरे पर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा साफ झलक रहा था।