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रत्ता खड्ड में छोड़ा रसायनयुक्त पानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। मलपुर पंचायत के साथ लगती रत्ता खड्ड के पानी में रसायन मिलने से पानी का रंग बदलकर सफेद हो गया है। यह पानी सरसा खड्ड में मिल रहा है। सरसा खड्ड में दर्जनों पेयजल और सिंचाई योजनाओं के माध्यम से पानी लोगों के घरों और खेतों तक पहुंच रहा है। इससे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
पिछले कुछ दिनों से रत्ता खड्ड के उद्योग से निकलने वाले रसायन मिलने से इसके पानी का रंग सफेद हो गया है। यह खड्ड कुछ दूर जाकर सरसा में मिल रही है। इस पर किशनपुरा, चुनड़ी, बंगला बैली, खौल बैली समेत दर्जनों पेयजल योजनाएं हैं। इनका पानी किसानों के खेतों और नलकों से घर में पहुंच रहा है। सरसा नदी के साथ हीर गुज्जर रहते हैं जिनके मवेशी इसी पानी को पीते हैं।
मलपुर निवासी संजीव ठाकुर, पूर्व प्रधान करनैल सिंह, ईश्वर ठाकुर, बलजीत नेगी, पूर्व प्रधान देवराज ठाकुर, ट्रक ऑपरेटर सोसायटी के प्रधान जितेंद्र ठाकुर, सनेड़ पंचायत के पूर्व प्रधान देवराज चौधरी, उपप्रधान हरदेव छाबड़ी ने बताया कि रत्ता खड्ड के साथ कुछ उद्योग अपने ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चला रहे हैं। कंपनी का दूषित पानी खड्ड में छोड़ रहे हैं।
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यह पानी किसानों के खेतों और घरों में पहुंच रहा है। इस दूषित पानी के इस्तेमाल से क्षेत्र में जलजनित रोग फैलने का भी भय बना हुआ है।
उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि यहां पर कोई रयासनयुक्त पानी का टैंकर गिराकर चला गया है। मौके पर अधिकारियों को भेजा गया है। इसकी जांच की जा रही है कि रसायनयुक्त पानी किसने गिराया है। उसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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बद्दी (सोलन)। मलपुर पंचायत के साथ लगती रत्ता खड्ड के पानी में रसायन मिलने से पानी का रंग बदलकर सफेद हो गया है। यह पानी सरसा खड्ड में मिल रहा है। सरसा खड्ड में दर्जनों पेयजल और सिंचाई योजनाओं के माध्यम से पानी लोगों के घरों और खेतों तक पहुंच रहा है। इससे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
पिछले कुछ दिनों से रत्ता खड्ड के उद्योग से निकलने वाले रसायन मिलने से इसके पानी का रंग सफेद हो गया है। यह खड्ड कुछ दूर जाकर सरसा में मिल रही है। इस पर किशनपुरा, चुनड़ी, बंगला बैली, खौल बैली समेत दर्जनों पेयजल योजनाएं हैं। इनका पानी किसानों के खेतों और नलकों से घर में पहुंच रहा है। सरसा नदी के साथ हीर गुज्जर रहते हैं जिनके मवेशी इसी पानी को पीते हैं।
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मलपुर निवासी संजीव ठाकुर, पूर्व प्रधान करनैल सिंह, ईश्वर ठाकुर, बलजीत नेगी, पूर्व प्रधान देवराज ठाकुर, ट्रक ऑपरेटर सोसायटी के प्रधान जितेंद्र ठाकुर, सनेड़ पंचायत के पूर्व प्रधान देवराज चौधरी, उपप्रधान हरदेव छाबड़ी ने बताया कि रत्ता खड्ड के साथ कुछ उद्योग अपने ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चला रहे हैं। कंपनी का दूषित पानी खड्ड में छोड़ रहे हैं।
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यह पानी किसानों के खेतों और घरों में पहुंच रहा है। इस दूषित पानी के इस्तेमाल से क्षेत्र में जलजनित रोग फैलने का भी भय बना हुआ है।
उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि यहां पर कोई रयासनयुक्त पानी का टैंकर गिराकर चला गया है। मौके पर अधिकारियों को भेजा गया है। इसकी जांच की जा रही है कि रसायनयुक्त पानी किसने गिराया है। उसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।