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संचालकों और नप लापरवाही से लाखों के वाटर एटीएम बंद
सोलन, ब्यूरो
Updated Tue, 28 Mar 2017 10:29 PM IST
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संचालकों और नगर परिषद की लापरवाही के चलते लाखों रुपये खर्च कर स्थापित पांचों वाटर एटीएम बंद हो गए हैं।
- फोटो : dimic
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संचालकों और नगर परिषद की लापरवाही के चलते लाखों रुपये खर्च कर स्थापित पांचों वाटर एटीएम बंद हो गए हैं। जलजनित रोगों के लिए संवेदनशील सोलन शहर में वाटर एटीएम के जरिये लोगों को पचास पैसे लीटर स्वच्छ पानी मुहैया करवाने की योजना फेल हो चुकी है।
एक वाटर एटीएम की सप्लाई फिल्टर साफ न होने के चलते चॉक हो गई है। इससे गंदा पानी निकल रहा है। अन्य चार में साफ्टवेयर की गड़बड़ी का रोना रोते हुए संचालकों और नप ने पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में सोलन शहर में लोगों को सस्ता और स्वच्छ पानी मुहैया करवाने की मुहिम को गहरा झटका लगा है। लोगों को एक लीटर बोतल बंद पानी के लिए 15 से 20 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने वाटर एटीएम की व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
स्वयं सहायता समूह के एक पदाधिकारियों का कहना है कि जब से वाटर एटीएम लगाए हैं तब से इनकी सफाई नहीं की गई। इस कारण गंदा पानी आ रहा है। ऐसे में गंदा पानी लोगों को कैसे दिया जाए? लिहाजा नप पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ जैसे सवाल उठ रहे हैं। उधर नप के अधिकारियों का कहना है कि एटीएम अकसर बंद रहते हैं। एटीएम की चाबी भी मुहैया नहीं करवाई जाती।
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यहां लगे हैं वाटर एटीएम
शहर में तीन एटीएम चालू हालत में थे। नप ने इन्हें मालरोड स्थित चिल्ड्रन पार्क, क्षेत्रीय अस्पताल रोड और नप परिसर में स्थापित किया है। इसमें चिल्ड्रन पार्क के एटीएम में गंदा पानी आने से यह बंद हो गया है। अन्य दो में सॉफ्टवेयर और कोटलानाला तथा सन्नी साइड में लगा एटीएम भी सॉफ्टवेयर की खराबी के चलते बंद पड़ा है।
सही ढंग से लागू हो योजना
सोलन मालरोड व्यापारमंडल के अध्यक्ष सुशील चौधरी ने कहा कि वाटर एटीएम एक बेहतर प्रोजेक्ट था। कारोबारियों और आम लोगों को महज पचास पैसे में फिल्टर पानी मिल रहा था। लेकिन इस मुहिम के बंद होने से लोगों को महंगा बोतल बंद पानी या पानी के कैन खरीदने पड़ रहे हैं। नप को इस योजना को सही ढंग से दोबारा लागू करना चाहिए।
समय-समय पर होती है सफाई : नेगी
ईओ बीआर नेगी ने बताया कि कंपनी समय-समय पर कर्मचारी को भेजकर इन वाटर एटीएम मशीनों की सफाई करवाती है। लेकिन वाटर एटीएम को चला रहे स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एटीएम मशीनों को ताला लगाकर बंद कर देती हैं। साथ ही इन वाटर एटीएम की चाबी भी मुहैया नहीं हो पाती है इससे इन्हें साफ करने आए कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ता है। इससे आम जनता को दिक्कत हो रही है।
सॉफ्टवेयर में है गड़बड़ी : गुप्ता
नप अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी के चलते तीनों वाटर एटीएम बंद पड़े हैं। दो एटीएम भी इसी के चलते शुरू नहीं हो सके। एटीएम स्थापित करने वाली कंपनी से बात चल रही है। तकनीकी खराबी जैसे ही दुरुस्त होगी, एटीएम लगा दिए जाएंगे।
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एक वाटर एटीएम की सप्लाई फिल्टर साफ न होने के चलते चॉक हो गई है। इससे गंदा पानी निकल रहा है। अन्य चार में साफ्टवेयर की गड़बड़ी का रोना रोते हुए संचालकों और नप ने पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में सोलन शहर में लोगों को सस्ता और स्वच्छ पानी मुहैया करवाने की मुहिम को गहरा झटका लगा है। लोगों को एक लीटर बोतल बंद पानी के लिए 15 से 20 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने वाटर एटीएम की व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
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स्वयं सहायता समूह के एक पदाधिकारियों का कहना है कि जब से वाटर एटीएम लगाए हैं तब से इनकी सफाई नहीं की गई। इस कारण गंदा पानी आ रहा है। ऐसे में गंदा पानी लोगों को कैसे दिया जाए? लिहाजा नप पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ जैसे सवाल उठ रहे हैं। उधर नप के अधिकारियों का कहना है कि एटीएम अकसर बंद रहते हैं। एटीएम की चाबी भी मुहैया नहीं करवाई जाती।
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यहां लगे हैं वाटर एटीएम
शहर में तीन एटीएम चालू हालत में थे। नप ने इन्हें मालरोड स्थित चिल्ड्रन पार्क, क्षेत्रीय अस्पताल रोड और नप परिसर में स्थापित किया है। इसमें चिल्ड्रन पार्क के एटीएम में गंदा पानी आने से यह बंद हो गया है। अन्य दो में सॉफ्टवेयर और कोटलानाला तथा सन्नी साइड में लगा एटीएम भी सॉफ्टवेयर की खराबी के चलते बंद पड़ा है।
सही ढंग से लागू हो योजना
सोलन मालरोड व्यापारमंडल के अध्यक्ष सुशील चौधरी ने कहा कि वाटर एटीएम एक बेहतर प्रोजेक्ट था। कारोबारियों और आम लोगों को महज पचास पैसे में फिल्टर पानी मिल रहा था। लेकिन इस मुहिम के बंद होने से लोगों को महंगा बोतल बंद पानी या पानी के कैन खरीदने पड़ रहे हैं। नप को इस योजना को सही ढंग से दोबारा लागू करना चाहिए।
समय-समय पर होती है सफाई : नेगी
ईओ बीआर नेगी ने बताया कि कंपनी समय-समय पर कर्मचारी को भेजकर इन वाटर एटीएम मशीनों की सफाई करवाती है। लेकिन वाटर एटीएम को चला रहे स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एटीएम मशीनों को ताला लगाकर बंद कर देती हैं। साथ ही इन वाटर एटीएम की चाबी भी मुहैया नहीं हो पाती है इससे इन्हें साफ करने आए कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ता है। इससे आम जनता को दिक्कत हो रही है।
सॉफ्टवेयर में है गड़बड़ी : गुप्ता
नप अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी के चलते तीनों वाटर एटीएम बंद पड़े हैं। दो एटीएम भी इसी के चलते शुरू नहीं हो सके। एटीएम स्थापित करने वाली कंपनी से बात चल रही है। तकनीकी खराबी जैसे ही दुरुस्त होगी, एटीएम लगा दिए जाएंगे।