Solan News: नौणी विवि में अगले सत्र से शुरू होंगे प्राकृतिक खेती पर यूजी-पीजी कोर्स
नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद ने कहा कि हिमाचल को बागवानी के लिए आगामी 15 साल की योजना तैयार करनी होगी, जिससे उत्पादन बढ़ाया जा सके और लोगों की आय भी बढ़े।
विस्तार
नौणी विवि के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय अगले शैक्षणिक सत्र में प्राकृतिक खेती पर स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू करेगा। वह विश्वविद्यालय के 39वें स्थापना दिवस के दौरान मौजूद अतिथियों को संबोधित कर रहे थे। प्रोफेसर चंदेल ने कहा कि एनसीईआरटी के छात्रों के लिए प्राकृतिक खेती पर पाठ्यक्रम भी पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि विवि के प्रयासों से अब यह सुनिश्चित हो गया है कि देवभूमि को अब देश का ‘सेब और फल राज्य’ भी कहा जाता है।
उन्होंने विवि की विभिन्न उपलब्धियां भी गिनाईं। वहीं मुख्यातिथि नीति आयोग, भारत सरकार के सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को बागवानी में परिवर्तन पर काम करना शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल को बागवानी आधारित विकास से लाभ हुआ है, जहां राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। अब समय आ गया है कि राज्य बागवानी विकास के दूसरे चरण की ओर बढ़े और सुझाव दिया कि सिक्किम के मॉडल का अध्ययन किया जाए।
प्राकृतिक खेती में अनुसंधान पहल के लिए विवि की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश खाद्य पदार्थों में आत्मनिर्भर हो गया है और भविष्य में हमें इस अतिरिक्त कृषि उपज को बेचने के लिए बाजार तलाशना होगा। संयुक्त राष्ट्र के एफएओ के वरिष्ठ नीति सलाहकार (प्राकृतिक संसाधन) और परियोजना निदेशक जीईएफ ग्रीन एजी आरबी सिन्हा ने कहा कि वर्तमान में विवि को लघु वन उपज की टिकाऊ फसल पर डाटा को उत्पन्न करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
हिमाचल सरकार के नई दिल्ली में प्रधान रेजिडेंट कमिश्नर सुशील सिंगला ने देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रोफेसर केके रैना ने मेहमानों का स्वागत किया। विवि के रजिस्ट्रार नरेंद्र चौहान ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। मुख्य अतिथि और विवि के अधिकारियों ने डॉ. वाईएस परमार को पुष्पांजलि अर्पित की।
हिमाचल को बागवानी में 15 साल की योजना बनाने की जरूरत : प्रो. रमेश
हिमाचल को बागवानी के लिए आगामी 15 साल की योजना तैयार करनी होगी, जिससे उत्पादन बढ़ाया जा सके और लोगों की आय भी बढ़े। यह बात भारत सरकार के नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही। वह शुक्रवार को नौणी विवि के 39वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि फसलों के उत्पादन में प्रति हेक्टेयर देशभर में हिमाचल दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर पश्चिम बंगाल है। ऐसे में यदि हिमाचल प्लान के साथ चलता है तो यह नंबर एक हो सकता है। उन्होंने कहा कि अभी राजस्व रिकाॅर्ड के मुताबिक हिमाचल में बागवानी 17 फीसदी है, इसे 35 फीसदी कैसे किया जाए, इस पर भी हिमाचल को काम करने की जरूरत है।
वहीं प्राकृतिक खेती पर पूछे गए सवाल में उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को वैज्ञानिक तरीके से करने की जरूरत है, जिससे किसानों को इसका सही लाभ मिल सके। यदि नौणी विवि छात्रों को इसे विषय के रूप में पढ़ाती है तो आगामी दिनों में यह साइंटिफिक होगी और इसे पूरी तरह से लागू किया जा सकेगा। संवाद