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सड़क हादसे और इमरजेंसी में जिंदगी बचाने के लिए बनेगा ट्रॉमा सेंटर
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नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में सड़क हादसा होने या इमरजेंसी की हालात में पीजीआई चंडीगढ़ का रुख नहीं करना पड़ेगा। यहीं पर लोगों को ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिल सकेगी। इसके भवन का निर्माण तेजी से जारी है। जुलाई तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। औद्योगिक क्षेत्र में सड़क हादसों को देखते हुए नालागढ़ में ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए कदम उठाया गया है ताकि सड़क हादसे, औद्योगिक गतिविधि में घायलों के अलावा आपातकाल में लोगों को समय पर इलाज मिल सके। इस सेंटर के खुलने से लोगों को आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध होंगी।
उत्तर भारत का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते लंबे समय से नालागढ़ में ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। 2014 में तत्कालीन हिमाचल सरकार ने यहां ट्रॉमा सेंटर जाने की घोषणा भी की थी। इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 2017 में केंद्र में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यहां पर ट्रॉमा सेंटर की सौगात दी थी। इसके बाद यहां पर स्थान चयन और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर नवंबर 2021 को निर्माण कार्य शुरू हो गया। 60 लाख की लागत से बनने वाले भवन का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। (संवाद)
नालागढ़ के लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ई. अजय शर्मा ने बताया कि भवन में एक स्वागत कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, रिकवरी रूम बनेंगे। भवन का कार्य अंतिम चरण में है। आशा है कि जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह तक इस भवन के निर्माण को पूरा करके स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर खुलने से यहां पर स्थानीय लोगों के साथ साथ प्रवासी कामगारों भी इसका लाभ होगा। बीबीएन में सड़क दुर्घटनाएं बहुत ज्यादा होती हैं। ऐसे में समय पर उपचार न मिलने से अधिकांश रोगी दम तोड़ देते हैं लेकिन अब उपचार के अभाव में कोई भी रोगी दम नहीं तोड़ेगा।
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दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को मौक पर मिलेगा उपचार
बीबीएन के कारोबारी एवं ट्रांसपोर्टर मनोज राणा का कहना है कि नालागढ़-पिंजौर मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक होने के कारण रोज कोई न कोई दुर्घटना होती है। गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ भेजना पड़ता है और कई बार रास्ते में दम तोड़ देते हैं। नालागढ़ में ट्रॉमा सेंटर बनने से अनेक लोगों की जान को बचाया जा सकेगा।
भवन बनने के साथ ही स्टाफ तैनात करे सरकार
नालागढ़ महिला स्वास्थ्य संघर्ष वाहिनी की संयोजिका सुषमा शर्मा का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर के बनने से बीबीएन के लोगों की लंबे समय से चली आ रही एक मांग पूरी होगी। यहां पर अति शीघ्र जरूरी स्टाफ तैनात कर देना चाहिए ताकि निर्माण पूरा होते ही इसे चालू किया जा सके।
पहाड़ी क्षेत्र के लोगों की भी होगा लाभ
विद्युत बोर्ड से सेवानिवृत्त सहायक अभियंता सरदार महिंद्र सिंह का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर बनने से साथ लगते पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को बहुत फायदा होगा। किसी दुर्घटना की स्थिति में मरीज को चंडीगढ़ ले जाने में बहुत समय व्यर्थ होने से बच जाएगा।
नालागढ़ में सुविधा मिलने से होगी समय की बचत
नालागढ़ के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के लिए अलग से स्टाफ स्वीकृत किया गया है। इसमें दो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, दो हड्डी रोग चिकित्सक तथा दो सामान्य शल्य चिकित्सक होंगे। इसके अतिरिक्त 25 स्टाफ नर्स, 12 नर्सिंग सहायक, पांच ऑपरेशन थियेटर सहायक और 12 मल्टी टास्क वर्कर होंगे। इसके अतिरिक्त प्रयोगशाला तकनीशियन तथा अन्य स्टाफ भी आवश्यकतानुसार तैनात किया जाएगा। इन सभी की ड्यूटी शिफ्ट अनुसार लगेगी ताकि सेवाएं 24 घंटे निर्बाध रूप से जारी रहें।
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नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में सड़क हादसा होने या इमरजेंसी की हालात में पीजीआई चंडीगढ़ का रुख नहीं करना पड़ेगा। यहीं पर लोगों को ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिल सकेगी। इसके भवन का निर्माण तेजी से जारी है। जुलाई तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। औद्योगिक क्षेत्र में सड़क हादसों को देखते हुए नालागढ़ में ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए कदम उठाया गया है ताकि सड़क हादसे, औद्योगिक गतिविधि में घायलों के अलावा आपातकाल में लोगों को समय पर इलाज मिल सके। इस सेंटर के खुलने से लोगों को आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध होंगी।
उत्तर भारत का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते लंबे समय से नालागढ़ में ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। 2014 में तत्कालीन हिमाचल सरकार ने यहां ट्रॉमा सेंटर जाने की घोषणा भी की थी। इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 2017 में केंद्र में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यहां पर ट्रॉमा सेंटर की सौगात दी थी। इसके बाद यहां पर स्थान चयन और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर नवंबर 2021 को निर्माण कार्य शुरू हो गया। 60 लाख की लागत से बनने वाले भवन का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। (संवाद)
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नालागढ़ के लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ई. अजय शर्मा ने बताया कि भवन में एक स्वागत कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, रिकवरी रूम बनेंगे। भवन का कार्य अंतिम चरण में है। आशा है कि जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह तक इस भवन के निर्माण को पूरा करके स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर खुलने से यहां पर स्थानीय लोगों के साथ साथ प्रवासी कामगारों भी इसका लाभ होगा। बीबीएन में सड़क दुर्घटनाएं बहुत ज्यादा होती हैं। ऐसे में समय पर उपचार न मिलने से अधिकांश रोगी दम तोड़ देते हैं लेकिन अब उपचार के अभाव में कोई भी रोगी दम नहीं तोड़ेगा।
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दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को मौक पर मिलेगा उपचार
बीबीएन के कारोबारी एवं ट्रांसपोर्टर मनोज राणा का कहना है कि नालागढ़-पिंजौर मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक होने के कारण रोज कोई न कोई दुर्घटना होती है। गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ भेजना पड़ता है और कई बार रास्ते में दम तोड़ देते हैं। नालागढ़ में ट्रॉमा सेंटर बनने से अनेक लोगों की जान को बचाया जा सकेगा।
भवन बनने के साथ ही स्टाफ तैनात करे सरकार
नालागढ़ महिला स्वास्थ्य संघर्ष वाहिनी की संयोजिका सुषमा शर्मा का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर के बनने से बीबीएन के लोगों की लंबे समय से चली आ रही एक मांग पूरी होगी। यहां पर अति शीघ्र जरूरी स्टाफ तैनात कर देना चाहिए ताकि निर्माण पूरा होते ही इसे चालू किया जा सके।
पहाड़ी क्षेत्र के लोगों की भी होगा लाभ
विद्युत बोर्ड से सेवानिवृत्त सहायक अभियंता सरदार महिंद्र सिंह का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर बनने से साथ लगते पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को बहुत फायदा होगा। किसी दुर्घटना की स्थिति में मरीज को चंडीगढ़ ले जाने में बहुत समय व्यर्थ होने से बच जाएगा।
नालागढ़ में सुविधा मिलने से होगी समय की बचत
नालागढ़ के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के लिए अलग से स्टाफ स्वीकृत किया गया है। इसमें दो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, दो हड्डी रोग चिकित्सक तथा दो सामान्य शल्य चिकित्सक होंगे। इसके अतिरिक्त 25 स्टाफ नर्स, 12 नर्सिंग सहायक, पांच ऑपरेशन थियेटर सहायक और 12 मल्टी टास्क वर्कर होंगे। इसके अतिरिक्त प्रयोगशाला तकनीशियन तथा अन्य स्टाफ भी आवश्यकतानुसार तैनात किया जाएगा। इन सभी की ड्यूटी शिफ्ट अनुसार लगेगी ताकि सेवाएं 24 घंटे निर्बाध रूप से जारी रहें।