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Solan News: शैक्षणिक संस्थानों में तंबाकू प्रवृति का लगेगा पता, स्वास्थ्य विभाग ने तैयार की प्रश्नावली
Mon, 11 Nov 2024 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 11 Nov 2024 11:09 PM IST
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-खास खबर-
खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी फ्रांस के बाली में पढ़ेंगे शोधपत्र
मानदंड भी किए हैं तय, स्कूलों के अध्यापकों की भी हुई ट्रेनिंग
प्रदेशभर में लागू होगी व्यवस्था, तंबाकू मुक्त संस्थान का लगेगा पता
आदित्य सोफत
सोलन। प्रदेशभर के शैक्षणिक संस्थानों में तंबाकू व नशे की प्रवृति का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया तरीका खोज निकाला है। इस तरीके से संस्थान में तंबाकू के प्रयोग होने के बारे में आसानी से पता लग सकता है। साथ ही यह भी आसानी से पता लग सकेगा की तंबाकू कहां से आ रही है। इन चीजों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शोध प्रश्नावली भी तैयार की है।
इस शोध प्रश्नावली को स्कूलों में भी दिया गया है। प्रश्नावली में तय मानदंड के अनुसार यह पता लगेगा की क्या संस्थान तंबाकू मुक्त है या नहीं। इसके बाद संस्थान को तंबाकू मुक्त घोषित भी किया जाएगा। खास बात यह है कि इस शोध पत्र को खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह फ्रांस के बाली में होने वाली नेशनल कांफ्रेस में भी प्रस्तुत करेंगे। कांफ्रेस में प्रदेश के 203 स्कूलों में दी गई शोध प्रश्नावली के बारे में बताएंगे।
बता दें कि शोध प्रश्नावली को स्वास्थ्य विभाग ने 203 स्कूलों में दिया है। इसी में नौ मापदंडों को निर्धारित किया गया है। इसके माध्यम से आसानी से तंबाकू प्रवृति के बारे में पता लग जाएगा। इसी के साथ स्कूलों के अध्यापकों की भी ट्रेनिंग की गई है। शोध के बाद चिकित्सक का दावा है कि कम समय और संसाधनों का प्रयोग करने के बाद आसानी से शैक्षणिक संस्थान में तंबाकू के बारे में पता लग सकता है।
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इनसेट
12 से 16 तक होगी कांफ्रेस
द यूनियन वर्ल्ड कांफ्रेंस ऑन लंग्स हेल्थ पर 12 से 16 नवंबर तक कांफ्रेस फ्रांस में होगी। इसमें 3000 शोध पूरे विश्व से आए हैं। इसमें से 250 शोध पत्रों को चुना गया। जिसमें तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान बनाने के लिए तैयार किया गया शोध पत्र भी शामिल है। इसे खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बनाया है। 10 स्कूलों पर पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इस प्रश्नावली पर कार्य कर कई प्रकार के बदलाव भी किए।
इनसेट
स्कूलों में तंबाकू मुक्त वातावरण के लिए अधिकारी मापदंडों को को नहीं जानते हैं। उन्हें सशक्त बनाने के लिए कार्य करते हुए प्रशिक्षित किया गया है। स्कूलों में तंबाकू मुक्त वातावरण के लिए यदि नौ उपकरणों को निर्धारित कर दिया जाए तो आसानी से जानकारी ली जा सकती है। इसी प्रश्नावली में अंकों के मुताबिक और मानदंडों के बाद शैक्षणिक संस्थान को तंबाकू मुक्त घोषित किया जा सकता है।
-डॉ. एके सिंह
खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ।
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खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी फ्रांस के बाली में पढ़ेंगे शोधपत्र
मानदंड भी किए हैं तय, स्कूलों के अध्यापकों की भी हुई ट्रेनिंग
प्रदेशभर में लागू होगी व्यवस्था, तंबाकू मुक्त संस्थान का लगेगा पता
आदित्य सोफत
सोलन। प्रदेशभर के शैक्षणिक संस्थानों में तंबाकू व नशे की प्रवृति का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया तरीका खोज निकाला है। इस तरीके से संस्थान में तंबाकू के प्रयोग होने के बारे में आसानी से पता लग सकता है। साथ ही यह भी आसानी से पता लग सकेगा की तंबाकू कहां से आ रही है। इन चीजों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शोध प्रश्नावली भी तैयार की है।
इस शोध प्रश्नावली को स्कूलों में भी दिया गया है। प्रश्नावली में तय मानदंड के अनुसार यह पता लगेगा की क्या संस्थान तंबाकू मुक्त है या नहीं। इसके बाद संस्थान को तंबाकू मुक्त घोषित भी किया जाएगा। खास बात यह है कि इस शोध पत्र को खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह फ्रांस के बाली में होने वाली नेशनल कांफ्रेस में भी प्रस्तुत करेंगे। कांफ्रेस में प्रदेश के 203 स्कूलों में दी गई शोध प्रश्नावली के बारे में बताएंगे।
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बता दें कि शोध प्रश्नावली को स्वास्थ्य विभाग ने 203 स्कूलों में दिया है। इसी में नौ मापदंडों को निर्धारित किया गया है। इसके माध्यम से आसानी से तंबाकू प्रवृति के बारे में पता लग जाएगा। इसी के साथ स्कूलों के अध्यापकों की भी ट्रेनिंग की गई है। शोध के बाद चिकित्सक का दावा है कि कम समय और संसाधनों का प्रयोग करने के बाद आसानी से शैक्षणिक संस्थान में तंबाकू के बारे में पता लग सकता है।
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12 से 16 तक होगी कांफ्रेस
द यूनियन वर्ल्ड कांफ्रेंस ऑन लंग्स हेल्थ पर 12 से 16 नवंबर तक कांफ्रेस फ्रांस में होगी। इसमें 3000 शोध पूरे विश्व से आए हैं। इसमें से 250 शोध पत्रों को चुना गया। जिसमें तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान बनाने के लिए तैयार किया गया शोध पत्र भी शामिल है। इसे खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बनाया है। 10 स्कूलों पर पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इस प्रश्नावली पर कार्य कर कई प्रकार के बदलाव भी किए।
इनसेट
स्कूलों में तंबाकू मुक्त वातावरण के लिए अधिकारी मापदंडों को को नहीं जानते हैं। उन्हें सशक्त बनाने के लिए कार्य करते हुए प्रशिक्षित किया गया है। स्कूलों में तंबाकू मुक्त वातावरण के लिए यदि नौ उपकरणों को निर्धारित कर दिया जाए तो आसानी से जानकारी ली जा सकती है। इसी प्रश्नावली में अंकों के मुताबिक और मानदंडों के बाद शैक्षणिक संस्थान को तंबाकू मुक्त घोषित किया जा सकता है।
-डॉ. एके सिंह
खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ।