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सपरून चौक पर मंडरा रहा पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा
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सोलन। कालका-शिमला एनएच-5 पर सोलन के सपरून चौक पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। यहां पर पहाड़ी से कभी भी मलबा और पत्थर सड़क पर आ सकते हैं। पहाड़ी के नीचे सैकड़ों वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं।
यहां पर अंडरपास ब्रिज का निर्माण कार्य चला हुआ है। इसे लेकर पहाड़ी के ठीक नीचे से सोलन की तरफ वाहनों की आवाजाही हो रही है। इस कारण कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस खतरे को देखते हुए जिला पुलिस सोलन ने अतिरिक्त पुलिस टीम की तैनाती की है।
हैरत की बात तो यह है कि पहाड़ी पर मलबा काफी समय से अटका है जिसे हटाया नहीं गया है। इस अटके हुए मलबे पर न प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही फोरलेन निर्माण कंपनी ने। अब बारिश में यह मलबा खिसकना शुरू हो गया है।
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कालका-शिमला एनएच पांच पर परवाणू से सोलन (चंबाघाट) तक फोरलेन निर्माण प्रथम चरण में लगभग 90 फीसदी से अधिक हो गया है। इस फोरलेन कार्य में बेतरतीब काटी पहाड़ियां अभी भी लोगों को मुसीबत में डाल रही है। सोमवार को हुई बारिश में भी एनएच-5 पर कई जगहों पर पत्थर गिरने के मामले सामने आए हैं लेकिन अधिक खतरा सोलन के सपरून चौक पर बना हुआ है।
अंडरपास ब्रिज के कार्य के दौरान वैकल्पिक मार्ग न होने से एक लेन से वाहन चल रहे हैं। इस कारण यहां जाम की समस्या बन जाती है और वाहन रेंग-रेंग कर निकल रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रूप से चलाने के लिए पहाड़ी की कटिंग की गई थी। पहाड़ी के ठीक ऊपर घरों को तोड़ा गया था लेकिन इनका मलबा पहाड़ी पर ही पड़ा रह गया। हालांकि, फोरलेन निर्माता कंपनी ने सोमवार को सड़क पर पहाड़ी वाली साइड पर बेरिकेड लगाए लेकिन पहाड़ी से मलबा नहीं हटाया है।
डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने बताया कि फोरलेन कंपनी को मौके पर कर्मचारियों की तैनाती करने के निर्देश जारी किए हैं। जिन जगहों पर मलबा आ सकता है, वहां पर जेसीबी मशीनें लगाने के लिए कहा गया है। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
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यहां पर अंडरपास ब्रिज का निर्माण कार्य चला हुआ है। इसे लेकर पहाड़ी के ठीक नीचे से सोलन की तरफ वाहनों की आवाजाही हो रही है। इस कारण कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस खतरे को देखते हुए जिला पुलिस सोलन ने अतिरिक्त पुलिस टीम की तैनाती की है।
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हैरत की बात तो यह है कि पहाड़ी पर मलबा काफी समय से अटका है जिसे हटाया नहीं गया है। इस अटके हुए मलबे पर न प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही फोरलेन निर्माण कंपनी ने। अब बारिश में यह मलबा खिसकना शुरू हो गया है।
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कालका-शिमला एनएच पांच पर परवाणू से सोलन (चंबाघाट) तक फोरलेन निर्माण प्रथम चरण में लगभग 90 फीसदी से अधिक हो गया है। इस फोरलेन कार्य में बेतरतीब काटी पहाड़ियां अभी भी लोगों को मुसीबत में डाल रही है। सोमवार को हुई बारिश में भी एनएच-5 पर कई जगहों पर पत्थर गिरने के मामले सामने आए हैं लेकिन अधिक खतरा सोलन के सपरून चौक पर बना हुआ है।
अंडरपास ब्रिज के कार्य के दौरान वैकल्पिक मार्ग न होने से एक लेन से वाहन चल रहे हैं। इस कारण यहां जाम की समस्या बन जाती है और वाहन रेंग-रेंग कर निकल रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रूप से चलाने के लिए पहाड़ी की कटिंग की गई थी। पहाड़ी के ठीक ऊपर घरों को तोड़ा गया था लेकिन इनका मलबा पहाड़ी पर ही पड़ा रह गया। हालांकि, फोरलेन निर्माता कंपनी ने सोमवार को सड़क पर पहाड़ी वाली साइड पर बेरिकेड लगाए लेकिन पहाड़ी से मलबा नहीं हटाया है।
डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने बताया कि फोरलेन कंपनी को मौके पर कर्मचारियों की तैनाती करने के निर्देश जारी किए हैं। जिन जगहों पर मलबा आ सकता है, वहां पर जेसीबी मशीनें लगाने के लिए कहा गया है। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।