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Solan News: ठोडो मैदान में इस बार लंबे समय तक जलेगा रावण, पटाखे भी होंगे ज्यादा

Sun, 18 Oct 2026 11:50 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:50 PM IST
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This year at Thodo Ground, the effigy of Ravana will burn for a longer duration, and there will also be more fireworks.
नगर निगम कार्यालय सोलन में निर्माणाधीन रावण का पुतला। संवाद
असम के बांस से बन रहे रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले
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दशहरे पर रावण दहन को लेकर तैयारियां तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। ठोडो मैदान में दशहरे के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। रावण दहन के लिए रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले लगभग तैयार हैं। आठ कारीगर निर्माण कर रहे हैं। इस बार पुतलों में पटाखों की मात्रा बढ़ाई जाएगी, जिससे रावण दहन में करीब 15 मिनट लगने की उम्मीद है। इससे पहले पटाखों की कम मात्रा के कारण दहन की प्रक्रिया पांच से सात मिनट में पूरी हो जाती थी।
शहर के कारोबारी मुकेश गुप्ता ने बताया कि सोलन में दशहरा बड़े स्तर पर मनाया जाता है, लेकिन पहले रावण दहन कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता था। उन्होंने यह मुद्दा उपायुक्त के समक्ष उठाया था। इसके बाद पुतलों में पटाखों की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
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असम के बांस से तैयार हो रहा ढांचा
ठोडो मैदान में पुतलों के निर्माण के लिए लकड़ी, कागज, कपड़े और रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ढांचा तैयार करने के लिए विशेष रूप से असम से लाया गया बांस इस्तेमाल हो रहा है। कारीगर शारीक नवाज ने बताया कि स्थानीय बांस ठोस होता है और आसानी से नहीं जलता, इसलिए पुतलों के ढांचे के लिए असम के बांस का उपयोग किया जाता है। ढांचा तैयार होने के बाद उसे अखबार के टुकड़ों से ढका जाता है। इसके लिए मैदे और रसायनों से बनी लेई का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद रंगीन गुड्डी पेपर और अबरी रंगों से पुतलों को सजाया जाएगा।
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इस बार मेघनाद का पुतला 40 फीट, कुंभकर्ण का 45 फीट और रावण का 50 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है।
35 साल से पुतले बना रहे कारीगर
शाह नवाज ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से हैं और 35 वर्षों से सोलन में पुतले बनाने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुतलों को अच्छी तरह तैयार करने के लिए करीब एक महीने का समय चाहिए, लेकिन इस बार भी कमेटी की ओर से टेंडर आयोजन से महज एक सप्ताह पहले दिया गया। ऐसे में कारीगर दिन-रात काम करके पुतलों को समय पर तैयार करने में जुटे हैं।
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