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चंडीगढ़ से बद्दी तक रेलवे लाइन बिछाने की कवायद तेज
ब्यूरो, बद्दी सोलन
Updated Mon, 19 Sep 2016 10:27 PM IST
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चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन के निर्माण की कवायद तेज हो गई है।
- फोटो : demo pic
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चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। जमीन अधिग्रहण से प्रभावितों को मिलने वाली 355.34 करोड़ की मुआवजा राशि तय की जा चुकी है। तहसीलदार कम लैंड एक्वॉजिशन ऑफिसर बद्दी द्वारा तय मुआवजा राशि को अंतिम स्वीकृति को राज्य सरकार के पास भेज दिया है।
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सरकार से तय दरों पर स्वीकृति के बाद प्रभावितों को हिमाचल सरकार और रेलवे से 50-50 फीसदी मुआवजा राशि दी जाएगी। इसके लिए रेलवे की ओर से 45 करोड़ रुपये की पहली किश्त जमा करवा दी है। बीबीएन में मौजूदा समय में 2500 के करीब उद्योग स्थापित हैं। इन उद्योगों को मौजूदा समय में चंडीगढ़-दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में ट्रकों के अत्यधिक मालभाड़े के साथ कच्चे तथा तैयार माल को सप्लाई करना पड़ रहा है।
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रेलवे लाइन बनने से उद्योगों पर किराये का बोझ कम होगा। साथ ही ट्रक यूनियन के एकाधिकार को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। स्थानीय लोगों को भी इसका काफी फायदा होगा। चंडीगढ़ से बद्दी तक के 30 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक में हिमाचल की तीन किलोमीटर जमीन को कब्जे में लिया जा रहा है। इसके तहत नौ राजस्व गांव की कुल 345.13 बीघा जमीन को अधिग्रहीत किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 20.15 बीघा सरकारी भूमि भी इस अधिग्रहण में शामिल है।
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ऊना-तलवाड़ा रेलवे लाइन की तर्ज पर स्वीकृति
चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन प्रभावितों के लिए मुआवजा दरें मार्केट रेट से चार गुना तय की हैं। यह दरें ऊना-तलवाड़ा रेलवे लाइन को भी तय की थी। इस पर सरकार स्वीकृति की मुहर लगा चुकी है। ऐसे में चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन के लिए भी सरकार से तय दरों पर स्वीकृति मिलने की पूरी उम्मीद है।
कुछ इस प्रकार मिलेगा रेट
राजस्व अधिकारियों की ओर से प्रभावितों के साथ विभिन्न स्तरों पर नेगोसिएशन बैठकें कर मुआवजा दरों को तय किया है। प्रति बीघा 18 लाख से लेकर अधिकतम 34 लाख की कीमत तय की है। नेगोसिएशन रेट को जोड़कर इसे दोगुना कर दिया है। क्षतिपूर्ति राशि को मार्केट रेट और नेगोसिएशन रेट मिलाकर दोगुना ओर किया है। यानी प्रभावितों को मार्केट रेट का चार गुना मुआवजा प्रति बीघा मिलेगा।
डेढ़ किलोमीटर में बनेगा स्टेशन
बद्दी के शीतलपुर गांव में रेलवे का स्टेशन स्थापित होगा। जानकारी के अनुसार चार गांवों को मिलाकर करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में यह रेलवे स्टेशन स्थापित किया जाएगा।
सरकार को भेजा गया प्रपोजल
तहसीलदार कम लैंड एक्वाजिशन ऑफिसर नारायण चौहान ने कहा कि चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाईन प्रभावितों को लेकर तय की दरों पर राज्य सरकार की अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। रेलवे को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी है। सरकार से स्वीकृति के बाद ही 50-50 फीसदी की दर से रेलवे और सरकार प्रभावितों को मुआवजा प्रदान करेगी।