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Solan News: छह माह बाद पहुंचा हार्ट अटैक के मरीजों को छह घंटे में लगने वाला टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में अब मरीजों को मिलेगी राहत, आईजीएमसी किया जा रहा था रेफर
जिले के नालागढ़ समेत कई अस्पतालों में महीनों से बंद पड़ी थी सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में हार्ट अटैक के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। करीब छह माह के बाद क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में हार्ट अटैक के मरीजों को छह घंटे के अंदर लगने वाला टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन की सप्लाई पहुंची है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को काफी बड़ी राहत मिलेगी। वहीं अब मरीजों को इंजेक्शन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन की ओर से छह माह में कई बार इंजेक्शन की मांग भेजी गई थी, लेकिन हर बार यह इसे रद्द कर दिया गया। ऐसे में हार्ट अटैक के मरीजों को शिमला आईजीएमसी रेफर किया जा रहा था। इस कारण मरीजों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। निजी अस्पतालों में यह इंजेक्शन 50 हजार रुपये में मिल रहा है। वहीं सरकारी अस्पतालों में सभी मरीजों को यह इंजेक्शन निशुल्क लगाया जाता है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के अलावा यह इंजेक्शन जिले के नालागढ़ समेत कई अस्पतालों में नहीं मिल रहा था। अब अस्पतालों की मांग पर इंजेक्शन अन्य अस्पतालों में भी भेजे जा सकते हैं। अब अस्पताल प्रशासन के पास इंजेक्शन का तीन माह का स्टॉक पड़ा है।
इनसेट
क्या है टेनेक्टेप्लेस दवा
टेनेक्टेप्लेस दवा का उपयोग मुख्य रूप से दिल के दौरे के इलाज के लिए किया जाता है। यह शरीर में जाकर रक्त वाहिकाओं में बने हानिकारक रक्त के थक्कों को घोलता है। इससे दिल या मस्तिष्क तक खून का प्रवाह फिर से शुरू हो जाता है। इसका इस्तेमाल हार्ट अटैक आने के छह घंटों के अंदर किया जाता है।
कोट
अस्पताल की मांग के बाद अब करीब छह माह के बाद टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन पहुंचा है। ऐसे में अब अस्पताल प्रशासन और मरीजों को बड़ी राहत मिली है। आपातकालीन स्थिति में अब मरीजों को इंजेक्शन के लिए भटकने से राहत मिलेगी।
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- डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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जिले के नालागढ़ समेत कई अस्पतालों में महीनों से बंद पड़ी थी सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में हार्ट अटैक के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। करीब छह माह के बाद क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में हार्ट अटैक के मरीजों को छह घंटे के अंदर लगने वाला टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन की सप्लाई पहुंची है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को काफी बड़ी राहत मिलेगी। वहीं अब मरीजों को इंजेक्शन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन की ओर से छह माह में कई बार इंजेक्शन की मांग भेजी गई थी, लेकिन हर बार यह इसे रद्द कर दिया गया। ऐसे में हार्ट अटैक के मरीजों को शिमला आईजीएमसी रेफर किया जा रहा था। इस कारण मरीजों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। निजी अस्पतालों में यह इंजेक्शन 50 हजार रुपये में मिल रहा है। वहीं सरकारी अस्पतालों में सभी मरीजों को यह इंजेक्शन निशुल्क लगाया जाता है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के अलावा यह इंजेक्शन जिले के नालागढ़ समेत कई अस्पतालों में नहीं मिल रहा था। अब अस्पतालों की मांग पर इंजेक्शन अन्य अस्पतालों में भी भेजे जा सकते हैं। अब अस्पताल प्रशासन के पास इंजेक्शन का तीन माह का स्टॉक पड़ा है।
इनसेट
क्या है टेनेक्टेप्लेस दवा
टेनेक्टेप्लेस दवा का उपयोग मुख्य रूप से दिल के दौरे के इलाज के लिए किया जाता है। यह शरीर में जाकर रक्त वाहिकाओं में बने हानिकारक रक्त के थक्कों को घोलता है। इससे दिल या मस्तिष्क तक खून का प्रवाह फिर से शुरू हो जाता है। इसका इस्तेमाल हार्ट अटैक आने के छह घंटों के अंदर किया जाता है।
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कोट
अस्पताल की मांग के बाद अब करीब छह माह के बाद टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन पहुंचा है। ऐसे में अब अस्पताल प्रशासन और मरीजों को बड़ी राहत मिली है। आपातकालीन स्थिति में अब मरीजों को इंजेक्शन के लिए भटकने से राहत मिलेगी।
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- डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन