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डिग्री कॉलेज में मुख्य प्रवक्ताओं के कई पद रिक्त, पढ़ाई चौपट

Mon, 19 Sep 2016 10:27 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Mon, 19 Sep 2016 10:27 PM IST
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The post of lecturer vacnt in solan collage
सोलन कालेज में प्रवक्ताअों के कई पद र‌िक्त पड़े हैं। - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश सरकार एक तरफ नए जहां कॉलेज खोलकर युवाओं की बेहतर उच्च शिक्षा के दावे कर रही है वहीं पुराने कॉलेजों में स्टाफ की कमी के चलते शिक्षा राम भरोसे है। स्टाफ की किल्लत के चलते स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जटिल रूसा पद्धति से विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य भी दाव पर है। 4000 छात्रों वाले सोलन जिला मुख्यालय का कॉलेज इसका जीता जागता उदाहरण है। रूसा के साथ प्रवक्ताओं की कमी से विद्यार्थियों का भविष्य दाव पर है।

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डिग्री कॉलेज सोलन में 10 मुख्य प्रवक्ताओं के पद रिक्त होने से विद्यार्थियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जहां विद्यार्थियों को रिक्त पड़े विषयों की कक्षाएं नहीं लग रही है। रूसा प्रणाली के तहत आए खराब परीक्षा  परिणामों के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य भी दाव पर है। कॉलेज प्राचार्य द्वारिका धरेला ने कहा कि कॉलेज में दस प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। पदों के रिक्त होने के बारे में विभाग को सूचित किया जा चुका है। जल्द ही सभी रिक्त विषयों के प्राध्यापकों के पद भरे जाएंगे।
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रूसा के तहत यह नियम
कागजी तौर पर रूसा अधिनियम के तहत शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए 30 विद्यार्थियों पर एक प्राध्यापक का नियम है। लेकिन प्रदेश सरकार और विवि प्रशासन ने 60 विद्यार्थियों पर एक अध्यापक नियुक्त किया है। अब स्थिति यह बन गई है कि 100 से अधिक विद्यार्थियों पर एक प्राध्यापक है। इससे शिक्षा प्रणाली सुधर नहीं रही बल्कि और बिगड़ रही। रूसा के तहत जहां बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा। दाखिला प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को प्राध्यापक नहीं मिल रहे।
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कॉलेज में यह हैं मौजूदा हाल
कॉलेज में प्राध्यापकों की कमी के चलते दूर दराज के क्षेत्रों से आए विद्यार्थी कॉलेज परिसर में धूप सेंकने को मजबूर हैं। आलम है कि कक्षाओं में बैठने की जगह कम होने और संबधित विषयों के प्राध्यापकों की कमी के चलते विद्यार्थी बिना कक्षा लगाए ही वापस लौट रहे हैं। हेमा, निलिमा, रोशनी, रिद्धिमा, अजय, मोहित, रवि उमेश और लक्की का कहना है कि रोजाना सोलन के 20 किलोमीटर के दायरे से सफर कर कॉलेज पहुंचते हैं। लेकिन प्राध्यापक न होने से कक्षाएं नहीं लगती।

इन 10 विषयों के प्राध्यापक नहीं
डिग्री कॉलेज सोलन में दर्शन शास्त्र, हिंदी, बॉटनी, राजनीतिक शास्त्र, केमिस्ट्री, कामर्स और कंप्यूटर विषय के 10 पद रिक्त हैं। इन विषयों में 3 विषय मेजर सब्जेक्ट हैं। इनमें विद्यार्थी अपनी स्नातक कर रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो इन विद्यार्थियों की शिक्षा कैसे पूरी होगी।


22 को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था ठप होने पर कॉलेज में छात्र संगठनों ने रोष प्रकट किया है। एसएफआई के राज्य सचिव मोहित वर्मा ने कहा कि कॉलेज में प्रवक्ताओं के खाली पड़े पदों को भरने के लिए प्राचार्य को कई बार ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। लेकिन आज तक पद नहीं भरे गए। एसएफआई द्वारा 22 को उपायुक्त कार्यालय के बाहर इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया जाएगा। एबीवीपी के कुलदीप ने कहा कि परीक्षा में खराब परिणाम तो आएंगे ही जब कॉलेज में मेजर विषयों तक को पढ़ाने वाले अध्यापक भी नहीं है। इससे विद्यार्थियों की स्नातक कैसे पूरी होगी। प्राध्यापक न होने से विद्यार्थी को परेशानी आ रही है।

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